Edited By Anil Kapoor,Updated: 14 Apr, 2026 07:07 AM

Noida News: उत्तर प्रदेश के औद्योगिक केंद्र नोएडा में पिछले दिनों हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद अब प्रशासन और पुलिस पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। आगजनी, तोड़फोड़ और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में पुलिस ने अब तक करीब 300...
Noida News: उत्तर प्रदेश के औद्योगिक केंद्र नोएडा में पिछले दिनों हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद अब प्रशासन और पुलिस पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। आगजनी, तोड़फोड़ और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में पुलिस ने अब तक करीब 300 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही, 100 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। जॉइंट सीपी (लॉ एंड ऑर्डर) राजीव नारायण मिश्रा ने पुष्टि की है कि फैक्ट्रियों और सड़कों पर लगे CCTV फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि एक-एक अपराधी की पहचान की जा सके।
सोशल मीडिया पर रची गई खौफनाक साजिश
नोएडा पुलिस की शुरुआती जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस का दावा है कि यह हिंसा अचानक नहीं हुई, बल्कि इसके पीछे एक गहरी साजिश थी। जांच में पाया गया कि हिंसा भड़काने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया गया। महज 24 घंटे के भीतर 50 से अधिक नए सोशल मीडिया अकाउंट्स बनाए गए। इन हैंडल्स के जरिए झूठ फैलाया गया और भड़काऊ वीडियो साझा किए गए ताकि भीड़ को उकसाया जा सके। पुलिस ने दो 'X' (पूर्व में ट्विटर) हैंडल्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है और अन्य 50 की पहचान कर ली गई है।
UP STF और पाकिस्तान कनेक्शन की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने UP STF को भी मैदान में उतार दिया है। STF उन डिजिटल फुटप्रिंट्स की जांच कर रही है जिनके जरिए अफवाहें फैलाई गईं। इसी बीच, उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्री अनिल राजभर के एक बयान ने हड़कंप मचा दिया है। उन्होंने कहा कि हाल ही में मेरठ और नोएडा से पकड़े गए संदिग्धों के तार पाकिस्तान के हैंडलर्स से जुड़े होने की बात सामने आई थी, इसलिए इस हिंसा में भी पाकिस्तानी कनेक्शन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता और इसकी उच्च स्तरीय जांच की जा रही है।
बातचीत का रास्ता खुला, हिंसा पर कड़ा प्रहार
मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर वरिष्ठ अधिकारी ग्राउंड जीरो पर तैनात हैं। डीजीपी राजीव कृष्ण और एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) अमिताभ यश खुद कंट्रोल रूम से पल-पल की निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्रमिकों की जायज मांगों पर संवाद और बातचीत के लिए सरकार के दरवाजे हमेशा खुले हैं। लेकिन, जो लोग कानून अपने हाथ में लेंगे, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। संवेदनशील इलाकों में PAC और पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती कर दी गई है।
नागरिकों के लिए चेतावनी और अपील
नोएडा पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी या अफवाह पर भरोसा न करें। प्रभावित इलाकों में ट्रैफिक को सुचारू रखने के लिए रूट डायवर्जन लागू किया गया है, ताकि आम लोगों को परेशानी न हो।