Yogi सरकार का बड़ा फोकस, UP Police को देश की बेस्ट फोर्स बनाने की कवायद तेज, आधुनिक तकनीक और साइबर दक्षता से मजबूत होगी पुलिसिंग

Edited By Purnima Singh,Updated: 29 May, 2026 12:25 PM

efforts to make up police country s best force gain momentum

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को कहा कि आधुनिक तकनीक, संवेदनशील व्यवहार, संवाद कौशल, साइबर अपराधों की समझ और फॉरेंसिक दक्षता प्रभावी पुलिसिंग की बुनियादी आवश्यकता बन चुकी है। मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशिक्षण व्यवस्था की...

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को कहा कि आधुनिक तकनीक, संवेदनशील व्यवहार, संवाद कौशल, साइबर अपराधों की समझ और फॉरेंसिक दक्षता प्रभावी पुलिसिंग की बुनियादी आवश्यकता बन चुकी है। मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशिक्षण व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि पुलिस प्रशिक्षण व्यवस्था को पूरी तरह परिणामोन्मुख, व्यवहारिक, तकनीक आधारित और समयानुकूल बनाया जाए ताकि उत्तर प्रदेश पुलिस दक्षता, अनुशासन, संवेदनशीलता और जनविश्वास के मानकों पर देश की सर्वश्रेष्ठ पुलिस बल के रूप में स्थापित हो सके।

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण व्यवस्था में गुणवत्ता, एकरूपता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। प्रशिक्षण संस्थानों में आधुनिक तकनीकों का अधिकतम उपयोग हो तथा प्रशिक्षण का नियमित मूल्यांकन किया जाए। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों को केवल कानून लागू करने तक सीमित ना रखते हुए उन्हें संवाद कौशल, मानवीय व्यवहार और तनावपूर्ण परिस्थितियों में संतुलित निर्णय लेने के लिए भी प्रशिक्षित किया जाना चाहिए। बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि पुलिस प्रशिक्षण निदेशालय के अंतर्गत पुलिस अकादमी मुरादाबाद, 11 प्रशिक्षण संस्थान, छह पुलिस ट्रेनिंग स्कूल, दो सशस्त्र पुलिस प्रशिक्षण संस्थान और 62 अस्थायी एवं 31 स्थायी भर्ती प्रशिक्षण केंद्र संचालित हैं।

अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षण क्षमता 18,000 से बढ़ाकर 60,244 तक की गई है। बैठक में बताया गया कि 'मिशन कर्मयोगी' के अंतर्गत आईजीओटी पोर्टल पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। 27 मई 2026 तक 3,90,799 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके हैं और 59 लाख से अधिक कोर्स पूर्ण किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि रोल आधारित ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रमों को तेजी से विकसित किया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों का व्यवहार ही पुलिस की वास्तविक पहचान बनाता है। बैठक में बताया गया कि जनता से दुर्व्यवहार की शिकायत वाले 5,816 पुलिसकर्मियों को चिह्नित कर उनके लिए संवाद कौशल एवं सौम्य व्यवहार का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। 
 

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