यहां ऐसा कोई सार्वजनिक कार्यक्रम न करें, जिससे तनाव की स्थिति पैदा होः महंत नृत्यगोपाल दास

Edited By Tamanna Bhardwaj,Updated: 30 Nov, 2019 05:04 PM

mahant nritya gopal das says do not do any such public

सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद अब राम मंदिर बनने जा रहा है। इसी कड़ी में 6 दिसंबर को होने वाले सार्वजनिक कार्यक्रम पर श्रीराम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने असहमति जताई है...

अयोध्याः सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद अब राम मंदिर बनने जा रहा है। इसी कड़ी में 6 दिसंबर को होने वाले सार्वजनिक कार्यक्रम पर श्रीराम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने असहमति जताई है।

महंत ने लोगों से अपील की है कि यहां ऐसा कोई सार्वजनिक कार्यक्रम न करें, जिससे तनाव की स्थिति पैदा हो। उन्होंने कहा कि 9 नवंबर को देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट ने श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। ऐसे मे 6 दिसंबर को "खुशी और गम" जैसे कार्यक्रम का कोई औचित्य नहीं रह जाता है। साधु-संत और राम भक्त मंदिरों और घरों में भगवान "श्रीराम की आरती" उतारें और दीपक जलाकर देश को सामाजिक समरस्ता का पवित्र संदेश दें।''

उन्होंने कहा है कि अयोध्या शान्त है। अब सम्पूर्ण देश में शांति होनी चाहिए। सुप्रीमकोर्ट के फैसले के दौरान जिस प्रकार सभी देश वासियों ने एक साथ मिलकर सम्पूर्ण विश्व को शांति और आपसी समन्वय का संदेश दिया। ठीक उसी प्रकार आने वाले 6 दिसंबर को भी हम किसी प्रकार के सार्वजनिक कार्यक्रम का आयोजन कर तनाव का माहौल नहीं बनने दें।

महंत ने कहा देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर को सत्य पर अपनी मोहर लगाकर "ठाकुर जी" को कपड़े के अस्थाई मंदिर से मुक्त कर भव्य मंदिर में विराजमान करने का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। अब "शौर्य और कलंक" जैसे कार्यक्रमों का औचित्य नहीं है। आदालत का सम्मान करते हुए अब सीधे श्रीराम भक्त मंदिर निर्माण करेंगे। सम्पूर्ण राष्ट्र इस पवित्र और स्मरणीय पल की प्रतिक्षा कर रहा है। बता दें कि न्यास के अध्यक्ष ने विभिन्न संगठनों द्वारा प्रत्येक वर्ष 6 दिसंबर पर आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों के मद्देनजर यह अपील की है।
 

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