Edited By Mamta Yadav,Updated: 04 May, 2022 09:20 PM

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत पर्यटकों को आकर्षित करने के लिये अगले दो सालों में चार शहरों में हेलीपोर्ट सेवा शुरू करने की योजना बना रही है।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत पर्यटकों को आकर्षित करने के लिये अगले दो सालों में चार शहरों में हेलीपोर्ट सेवा शुरू करने की योजना बना रही है।
आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को बताया कि अगले छह महीने में आगरा और मथुरा में हेलीपोर्ट सेवा के संचलन के लिए पब्लिक, प्राइवेट पाटर्नर (पीपीपी) का चयन हो जाएगा। अगले दो साल में प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर लखनऊ, तीर्थराज प्रयाग में भी हेलीपोर्ट सेवा शुरू करने का लक्ष्य योगी सरकार का है। उन्होंने कहा कि अगर सब कुछ तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार जारी रहा तो श्रद्धालु 2025 में होने वाले कुंभ के नजारे आसमान से देखकर अपने मन मस्तिष्क पर चस्पा कर सकेंगे।
सूत्रों ने बताया कि आसमान से ही विंध्य और चित्रकूट की प्राकृतिक खूबसूरती दिखाने के लिए रोपवे सेवा शुरू की जा चुकी है। विंध्याचल में अष्टभुजा एवं कालीखोह रोपवे का संचालन पिछले साल अगस्त से और चित्रकूट रोपवे का संचलन सितंबर 2019 से ही शुरू हो चुका है। अगले छह महीने में आप राधा-कृष्ण और कृष्ण एवं ग्वाल-बालों की क्रीड़ा स्थली ब्रज भूमि के दर्शन के लिए मथुरा में बरसाना का रोपवे भी चालू हो जाएगा। उन्होने बताया कि दो साल में प्रयागराज में झूंसी से त्रिवेणी पुष्प तक नए रोपवे का निर्माण कार्य शुरू करने का लक्ष्य पर्यटन विभाग ने तय किया है। चंद रोज पहले मंत्री परिषद के समक्ष प्रस्तुतिकरण के दौरान पर्यटन विभाग ने अपने लिए 100 दिन, दो और पांच साल के लिए जो लक्ष्य तय किया है उसमें भी इन सारी बातों का जिक्र है।
प्रमुख सचिव पर्यटन मुकेश मेश्राम ने कहा कि देश-दुनियां में ब्रांड यूपी और मजबूत करने, स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं राजस्व में वृद्धि का सबसे प्रभावी जरिया पर्यटन है। हर लिहाज से बेहद सम्पन्न विरासत के नाते उत्तर प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र की असीम संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि अपनी सम्पन्न विरासत के आधार पर प्रदेश को देश-दुनिया का सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थल बनाया जाय। विभाग उसी मंशा के मद्देनजर काम कर रहा है।