Edited By Purnima Singh,Updated: 21 Aug, 2026 01:35 PM

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और उन्नाव जिले में हाल ही में शिक्षा व्यवस्था तथा अन्य समस्याओं को लेकर छात्र-छात्राओं के प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों के सुव्यवस्थित संचालन के लिए व्यापक बदलाव की...
लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और उन्नाव जिले में हाल ही में शिक्षा व्यवस्था तथा अन्य समस्याओं को लेकर छात्र-छात्राओं के प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों के सुव्यवस्थित संचालन के लिए व्यापक बदलाव की जरूरत बताई है। मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार को निर्देश दिये कि सर्वोदय विद्यालयों से जुड़ी सुस्पष्ट नियमावली तैयार करने, शिक्षकों के रिक्त पदों पर चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने तथा एक सोसाइटी के गठन की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि इन आवासीय विद्यालयों का प्रबंधन और संचालन अधिक व्यवस्थित ढंग से हो सके।
राज्य सरकार द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, आदित्यनाथ ने समाज कल्याण विभाग के मंत्री असीम अरुण की उपस्थिति में विभाग की समीक्षा करते हुए विद्यालयों में शिक्षकों और अन्य आवश्यक कर्मचारियों की उपलब्धता, विद्यार्थियों को मिल रही सुविधाओं तथा प्रबंधन व्यवस्था की जानकारी ली। बयान के अनुसार, आदित्यनाथ ने कहा कि इन विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और साथ ही विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुरूप अन्य आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
गौरतलब है कि राजधानी लखनऊ और उन्नाव में सर्वोदय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने हाल ही में अपने-अपने स्कूलों में शिक्षकों की कमी और विद्यालय से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया था। छात्रवृत्ति वितरण की मौजूदा स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रवृत्ति का लाभ प्रत्येक पात्र विद्यार्थी को समय से मिलना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि 'पूर्वदशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति' से वंचित विद्यार्थियों के लिए आवेदन पोर्टल तत्काल खोला जाए और हर हाल में दो अक्टूबर तक छात्रवृत्ति की धनराशि अंतरित कर दी जाए।