मैं तो फकीर हूं, झोला उठाऊंगा चल दूंगा: मोदी

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मुरादाबाद: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम जारी रखने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि मैं तो फकीर हूं मुझे कोई लालच नहीं है। मोदी ने यहां भारतीय जनता पार्टी की परिवर्तन रैली को सम्बोधित करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार से लड़ना और गरीबों को उनका हक दिलाना मेरा संकल्प है। मेरा क्या, मैं तो फकीर हूं झोला उठाऊंगा चल दूंगा। उन्होंने कहा कि यह भी सत्य है कि फकीरी ने उन्हें गरीबों के हक की लड़ाई लड़ने की ताकत दी है। इसी फकीरी की वजह से भ्रष्टाचार के खिलाफ भी मुहिम चला रहे हैं।

भ्रष्टाचार ने किया गरीबों का सबसे ज्यादा नुकसान
नोटबंदी के फैसले पर विपक्ष द्वारा केन्द्र सरकार की संसद से सड़क तक की जा रही जबरदस्त घेराबंदी के बीच मोदी ने एक बार फिर बड़े नोटों को अमान्य किए जाने के निर्णय को किसान, गरीब और देशहित में करार दिया। उन्होंने कहा कि पाई-पाई पर सवा सौ करोड़ देशवासियों का हक है। उन्होंने कहा कि जनधन खाताधारियों को आगाह किया कि वे अपने बैंक खातों से पैसा न निकालें। उनके खाते में जिन लोगों ने अपना पैसा जमा कराया है वह जेल जाएंगे। यह पैसा गरीबों को मिलेगा। दिन रात इसी में दिमाग लगा रहा हूं। भ्रष्टाचार ने सबसे ज्यादा नुकसान गरीबों का किया है लेकिन सरकार के इस कदम से अमीर गरीब के घर लाइन लगाने को मजबूर है, पैर पकड़ रहा है कि मेरे पैसे अपने खाते में जमा कर लो।

सरकार दे रही पाई-पाई, पल-पल का हिसाब
प्रधानमंत्री ने कहा कि जनधन खाताधारक डरें नहीं। देखिए वह आपके घर के चक्कर लगाएगा। उनके खाते में पैसे डालने वाले अमीर यदि उनपर ज्यादा दबाव डालें तो उनसे कह देना कि ज्यादा दादागिरी दिखाओगे तो मोदी को चिट्ठी लिख दूंगा। उन्होंने कहा घोषणा करके हिसाब देने वाली पहली सरकार आज आपके चरणों में बैठी है। सरकार पाई-पाई, पल-पल का हिसाब दे रही है। सवा सौ करोड जनता जनार्दन हमारा हाईकमान और नेता है। जो कुछ हैं आप लोग हैं। मोदी ने कहा कि जो काम 70 साल में नहीं हुआ उसे करने में तकलीफ तो होगी। चुनौतियां थीं, रुकावटें थी, इरादों में भी खोट थी। आम आदमी बेईमानी नहीं चाहता लेकिन स्कूल वाला जब ‘आफीशियल’ पांच सौ रुपए लेता है और ‘अनआफीशियल’ 75 हजार मांगता है तो मध्यम परिवार मजबूरन बेईमानी करने लगता है।

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