Edited By Ramkesh,Updated: 08 Apr, 2026 05:04 PM

वर्ष 2027 में उत्तरप्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले ही समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच पोस्टर वार शुरू हो गया है। एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप के बीच लखनऊ समेत कई जिलों में नये पोस्टरों ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है।
लखनऊ: वर्ष 2027 में उत्तरप्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले ही समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच पोस्टर वार शुरू हो गया है। एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप के बीच लखनऊ समेत कई जिलों में नये पोस्टरों ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है।
एक दिन पूर्व लखनऊ में ‘यूथ अगेंस्ट माफिया'संगठन की ओर से लगाए गए पोस्टरों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को‘धुरंधर'बताते हुए समाजवादी पार्टी की पूर्व सरकार को फिल्मी अंदाज में‘ल्यारी राज'यानी गुंडागर्दी राज कहा गया था। इस पोस्टर के जवाब में अब आजमगढ़ के समाजवादी छात्र सभा के जिला अध्यक्ष कुनाल मौर्य की ओर से लगवाए गए पोस्टरों में अखिलेश यादव को‘धुरंधर'बताया गया है, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को‘धुएंधर'कहकर निशाना साधा गया है।
पोस्टर पर प्रमुखता से लिखा गया है 'फकर् साफ है'। सपा के इन पोस्टरों में अखबारों की कटिंग के जरिए दोनों सरकारों की तुलना दिखाने की कोशिश की गई है। इसमें अखिलेश यादव के कार्यकाल के दौरान लखनऊ मेट्रो, इकाना स्टेडियम और एक्सप्रेस-वे जैसी परियोजनाओं को दर्शाया गया है। वहीं योगी सरकार को लेकर रोडवेज की स्थिति, कानून-व्यवस्था और नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़ी खबरों को प्रमुखता दी गई है।