Edited By Purnima Singh,Updated: 05 Apr, 2026 06:57 PM

बिहार के सारण जिले में जनता दल यूनाइटेड (JDU) के एक स्थानीय नेता से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे इलाके में चर्चा और राजनीतिक हलचल दोनों बढ़ गई हैं। वीडियो में मढ़ौरा प्रखंड अध्यक्ष बलिराम सिंह उर्फ गामा सिंह एक युवती के...
Viral Video : बिहार के सारण जिले में जनता दल यूनाइटेड (JDU) के एक स्थानीय नेता से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे इलाके में चर्चा और राजनीतिक हलचल दोनों बढ़ गई हैं। वीडियो में मढ़ौरा प्रखंड अध्यक्ष बलिराम सिंह उर्फ गामा सिंह एक युवती के साथ खेत में नजर आ रहे हैं। इस वीडियो को लेकर जहां ग्रामीणों के बीच अलग-अलग तरह की चर्चाएं हैं, वहीं नेता और युवती दोनों ने इसे गलत तरीके से पेश किया गया मामला बताया है।
क्या दिख रहा है वीडियो में?
बताया जा रहा है कि यह वीडियो शनिवार देर रात का है। वीडियो में कुछ युवक शोर मचाते हुए एक युवती का पीछा करते दिखाई देते हैं। डरी हुई युवती भागते हुए एक खेत में मौजूद गामा सिंह के पास पहुंचती है। वीडियो के दौरान युवती अपना चेहरा छिपाने की कोशिश करती है और वीडियो बना रहे युवकों को चप्पल दिखाकर दूर रहने को कहती है। अंत में गामा सिंह उसे वहां से सुरक्षित स्थान की ओर ले जाते नजर आते हैं।
नेता का पक्ष: साजिश का आरोप
वीडियो के वायरल होने के बाद गामा सिंह ने सामने आकर अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा कि यह पूरी घटना को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उनके अनुसार, वह रात में अपने खेत पर फसल की स्थिति देखने गए थे, तभी उन्होंने देखा कि कुछ युवक एक लड़की को परेशान कर रहे हैं और उसका वीडियो बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि लड़की घबराई हुई थी और मदद के लिए उनके पास आई, जिसके बाद उन्होंने उसे सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। उन्होंने इस पूरे मामले को राजनीतिक साजिश करार दिया।
युवती ने क्या कहा?
इस मामले में युवती का बयान सामने आने के बाद घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया। युवती ने दावा किया कि वह बाजार से लौटते समय खेत की ओर गई थी, जहां कुछ युवकों ने उसे घेर लिया और परेशान करने लगे। इससे बचने के लिए वह भागकर गामा सिंह के पास पहुंची और उनसे मदद मांगी।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया
हालांकि दोनों पक्षों ने अपनी सफाई दे दी है, लेकिन मामला अब सियासी रंग ले चुका है। विपक्षी दलों और सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
फिलहाल, मढ़ौरा पुलिस की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है और न ही अब तक कोई प्राथमिकी दर्ज हुई है। स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही हैं—कुछ लोग इसे छवि खराब करने की कोशिश मान रहे हैं, तो कुछ इसे सामाजिक और नैतिक मुद्दों से जोड़कर देख रहे हैं।