Edited By Anil Kapoor,Updated: 13 Apr, 2026 01:02 PM

Mathura News: धर्मनगरी वृंदावन में बीते शुक्रवार को यमुना नदी में हुए भीषण नाव हादसे के तीसरे दिन भी मातम छाया हुआ है। रविवार को रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान 2 और शव बरामद होने के साथ ही इस हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या 14 हो गई है। नदी में अब भी...
Mathura News: धर्मनगरी वृंदावन में बीते शुक्रवार को यमुना नदी में हुए भीषण नाव हादसे के तीसरे दिन भी मातम छाया हुआ है। रविवार को रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान 2 और शव बरामद होने के साथ ही इस हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या 14 हो गई है। नदी में अब भी 2 अन्य श्रद्धालुओं की तलाश के लिए महा-अभियान जारी है।
नदी की सतह पर मिले भाई-बहन के शव
रविवार की सुबह रेस्क्यू टीम को पंजाब के लुधियाना निवासी 2 और शव नदी की सतह पर तैरते मिले। मृतकों की पहचान डिंकी और ऋषभ शर्मा के रूप में हुई है। डिंकी बीए फाइनल ईयर की छात्रा थी और ऋषभ ने अभी 12वीं की परीक्षा पास की थी। दोनों भाई-बहन परिवार के साथ दर्शन करने आए थे, लेकिन काल के गाल में समा गए। शव फूलने के कारण पानी के ऊपर आ गए थे, जिन्हें गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला।
20 किलोमीटर के दायरे में महा-रेस्क्यू
हादसे के तीसरे दिन सर्च ऑपरेशन का दायरा बढ़ाकर 20 किलोमीटर कर दिया गया है। प्रशासन की ओर से कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। सेना, एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और पीएसी के करीब 250 जवान इस अभियान में जुटे हैं। इस नाव हादसे में अब तक 22 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है, जबकि 14 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। अभी भी 2 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए गोताखोर गहरे पानी और झाड़ियों में सर्च कर रहे हैं।
शोक में डूबा परिवार
परिजनों ने मौके पर पहुंचकर अपने प्रियजनों के शवों की पहचान की, जिसके बाद घाट पर चीख-पुकार मच गई। इससे पहले शनिवार को भी मानिक टंडन नाम के युवक का शव देवरहा बाबा घाट के पास मिला था। प्रशासन का कहना है कि जब तक आखिरी व्यक्ति की तलाश पूरी नहीं हो जाती, ऑपरेशन खत्म नहीं होगा।