ऑफिस नेटवर्क पर ‘डिजिटल दीवार’! बड़ी कंपनियों में कर्मचारियों की नहीं खुल रही  चर्चित वेबसाइटें

Edited By Purnima Singh,Updated: 30 May, 2026 04:04 PM

employees at large companies are unable to access popular websites

देश की कुछ प्रमुख ऑडिट और कंसल्टिंग कंपनियों में इस सप्ताह कर्मचारियों के बीच एक अलग ही चर्चा देखने को मिली। कई कर्मचारियों ने दावा किया कि वे अपने कार्यालय के आधिकारिक इंटरनेट नेटवर्क से एक चर्चित ऑनलाइन राजनीतिक अभियान से जुड़ी वेबसाइटों तक पहुंच...

नेशनल डेस्क : देश की कुछ प्रमुख ऑडिट और कंसल्टिंग कंपनियों में इस सप्ताह कर्मचारियों के बीच एक अलग ही चर्चा देखने को मिली। कई कर्मचारियों ने दावा किया कि वे अपने कार्यालय के आधिकारिक इंटरनेट नेटवर्क से एक चर्चित ऑनलाइन राजनीतिक अभियान से जुड़ी वेबसाइटों तक पहुंच नहीं बना पा रहे थे। हालांकि, वही वेबसाइटें मोबाइल डेटा और निजी इंटरनेट कनेक्शन पर सामान्य रूप से काम कर रही थीं।

ऑफिस सिस्टम पर मिला ब्लॉक होने का संदेश
कर्मचारियों के मुताबिक जब उन्होंने इन वेबसाइटों को कंपनी के नेटवर्क के जरिए खोलने का प्रयास किया, तो उन्हें सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए एक्सेस प्रतिबंध का संदेश दिखाई दिया। कुछ कर्मचारियों ने यह भी बताया कि जिन वेबसाइटों के नाम में विशेष शब्द शामिल थे, वे भी उनके ऑफिस नेटवर्क पर उपलब्ध नहीं थीं।

अन्य राजनीतिक वेबसाइटें सामान्य रूप से रहीं उपलब्ध
इस पूरे घटनाक्रम के बीच कर्मचारियों ने यह भी दावा किया कि अन्य प्रमुख राजनीतिक दलों और संगठनों की वेबसाइटें कंपनी नेटवर्क पर बिना किसी रुकावट के खुल रही थीं। इसी वजह से यह मामला कर्मचारियों के बीच चर्चा और जिज्ञासा का विषय बन गया।

सोशल मीडिया से शुरू होकर चर्चा का केंद्र बना अभियान
बताया जा रहा है कि यह ऑनलाइन अभियान शुरुआत में व्यंग्य और हास्य के रूप में सामने आया था, लेकिन बाद में सोशल मीडिया पर इसे बड़ी संख्या में युवाओं का समर्थन मिलने लगा। इसके बाद यह अभियान इंटरनेट पर तेजी से चर्चा में आ गया और कई डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इसकी मौजूदगी बढ़ी।

साइबर सुरक्षा नीतियां हो सकती हैं वजह
कॉर्पोरेट सेक्टर के जानकारों का कहना है कि बड़ी कंपनियां अपने नेटवर्क की सुरक्षा के लिए सख्त इंटरनेट फिल्टरिंग सिस्टम का उपयोग करती हैं। कई संस्थानों में केवल स्वीकृत वेबसाइटों को ही एक्सेस की अनुमति दी जाती है, जबकि संदिग्ध या अनजान वेबसाइटों को सुरक्षा कारणों से ब्लॉक कर दिया जाता है।

जवाब का इंतजार, बहस जारी
फिलहाल संबंधित कंपनियों की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं यह भी स्पष्ट नहीं है कि ब्लॉक हुई वेबसाइटों का संबंध संबंधित अभियान से आधिकारिक रूप से था या नहीं। हालांकि इस घटना ने कॉर्पोरेट नेटवर्क में इंटरनेट एक्सेस, साइबर सुरक्षा और डिजिटल अभिव्यक्ति को लेकर नई बहस जरूर छेड़ दी है।


 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!