हरिद्वारः गंगा सभा और संतों ने परंपरागत तरीके से की कुंभ की शुरूआत

Edited By Nitika,Updated: 26 Feb, 2021 10:56 AM

ganga sabha and saints started the kumbh

उत्तराखंड सरकार ने कुंभ मेले की अधिसूचना भले ही जारी नहीं की हो लेकिन संतों और गंगा सभा ने गुरुवार को परंपरागत तरीके से इसकी शुरुआत कर दी।

 

हरिद्वारः उत्तराखंड सरकार ने कुंभ मेले की अधिसूचना भले ही जारी नहीं की हो लेकिन संतों और गंगा सभा ने गुरुवार को परंपरागत तरीके से इसकी शुरुआत कर दी। श्रीगंगा सभा ने हर की पौड़ी स्थित ब्रह्मकुंड पर वैदिक विधि-विधान के साथ गंगा की धर्मध्वजा स्थापित की गई। इस दौरान, श्रीगंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ ने कहा कि मां गंगा सनातन धर्म की आस्था का प्रतीक है इसलिए हर की पौड़ी पर स्थित ब्रह्मकुंड पर उनकी धर्मध्वजा की स्थापना होना सभी के लिए ऐतिहासिक क्षण है।
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सभा के अध्यक्ष प्रदीप झा ने कहा कि हर की पौड़ी एक ऐसा पवित्र स्थान है जहां गंगाभक्तों के साथ ही तमाम अखाड़े और साधु संत भी गंगा स्नान करते हैं। धर्मध्वजा की स्थापना से पहले सभा से जुड़े तीर्थ पुरोहितों ने हरिद्वार के विभिन्न क्षेत्रों में नगर भ्रमण कर शोभायात्रा निकाली। इस दौरान शहरवासियों ने उनका स्वागत भी किया। इसके अतिरिक्त, कुंभ मेले के शाही स्नान के लिए पंचायती निरंजनी अखाड़े के रमता पंच बैंड बाजे के साथ नगर में प्रवेश कर गए। कुंभ मेलाधिकारी दीपक रावत ने रमता पंचों के नगर प्रवेश करने पर उनका माल्यार्पण कर स्वागत किया।
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वहीं इस अवसर पर मेलाधिकारी रावत ने कहा कि एक तरह से मेले की शुरूआत हो गई है और उन्हें विश्वास है कि साधु संतों के आशीर्वाद से हरिद्वार में बहुत सुन्दर, सुरक्षित, भव्य और दिव्य महाकुंभ मेला देखने को मिलेगा। रमता पंचों के नगर प्रवेश शोभा यात्रा की अगुवाई कर रहे अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहन्त नरेन्द्र गिरि ने कहा कि पूरे भारत में सनातन धर्म का प्रचार करने वाले साधु-संत एवं महात्मा कुंभ के मौके पर इकट्ठा होकर नगर प्रवेश करते हैं जो एक पुरानी परंपरा है।
 

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