Edited By Purnima Singh,Updated: 02 Apr, 2025 04:04 PM

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले आठ वर्षों में गरीबों और जरूरतमंदों तक राशन पहुंचाने की प्रक्रिया को न केवल प्रभावी बनाया है, बल्कि इसे डिजिटल तकनीकों के माध्यम से पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त भी किया है। एक बयान...
लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले आठ वर्षों में गरीबों और जरूरतमंदों तक राशन पहुंचाने की प्रक्रिया को न केवल प्रभावी बनाया है, बल्कि इसे डिजिटल तकनीकों के माध्यम से पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त भी किया है। एक बयान में इसकी जानकारी दी गयी है। ‘सेवा, सुरक्षा और सुशासन' के मूल मंत्र को साकार करते हुए उप्र सरकार ने खाद्य एवं रसद विभाग के जरिए तकनीकी नवाचारों को अपनाया, जिसका सीधा लाभ प्रदेश के 1.15 करोड़ से अधिक राशन कार्ड धारकों को मिल रहा है।
एक बयान के मुताबिक प्रदेश सरकार ने राशन वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए ई-केवाईसी और आधार सत्यापन प्रणाली को लागू किया है, जिसके तहत राशन कार्ड धारकों को अब देश के किसी भी उचित दर दुकान पर ई-केवाईसी कराने की सुविधा प्राप्त हो रही है। खाद्य एवं रसद विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2025 तक प्रदेश के 77.37 प्रतिशत लाभार्थियों (1,15,37,940 राशन कार्डधारक) ने अपनी ई-केवाईसी पूरी कर ली है। बयान में कहा गया है कि खास बात यह है कि 10.02 लाख लाभार्थियों ने अन्य राज्यों में भी अपनी ई-केवाईसी कराई, जो इस व्यवस्था की व्यापक पहुंच सुनिश्चित कर रहा है।
यही नहीं इस डिजिटल पहल ने अपात्र कार्ड धारकों की पहचान कर उन्हें सिस्टम से हटाने में मदद की, जिससे वास्तविक जरूरतमंदों तक खाद्यान्न पहुंच सुनिश्चित हुआ। सरकार का लक्ष्य शत-प्रतिशत लाभार्थियों की ई-केवाईसी शीघ्र पूरी करना है, ताकि वितरण प्रणाली और अधिक मजबूत हो सके।