रोहतास प्लूमेरिया प्रोजेक्ट को मिल सकती है नई रफ्तार, CIRP के निर्णायक चरण में पहुंची प्रक्रिया

Edited By Ramkesh,Updated: 30 May, 2026 06:51 PM

the rohatas plumeria project may gain new momentum with the cirp process reachi

उत्तर प्रदेश के गोमती नगर स्थित रोहतास प्लूमेरिया प्रोजेक्ट के डेवलपर एंडीज टाउन प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड की कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस (CIRP) अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। कई वर्षों से रुके इस प्रोजेक्ट को दोबारा शुरू करने के लिए...

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के गोमती नगर स्थित रोहतास प्लूमेरिया प्रोजेक्ट के डेवलपर एंडीज टाउन प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड की कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस (CIRP) अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। कई वर्षों से रुके इस प्रोजेक्ट को दोबारा शुरू करने के लिए एलजेके कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड और हलवासिया ग्रुप समेत कई कंपनियों ने रुचि दिखाई है। लंबे समय से अपने घर का इंतजार कर रहे होमबायर्स की उम्मीदें अब इस प्रक्रिया पर टिकी हैं। मार्च 2023 में कंपनी को इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत CIRP में भेजा गया था। शुरुआत में उम्मीद थी कि मामला तय समय में सुलझ जाएगा, लेकिन कानूनी विवाद, कर्जदाताओं से जुड़े मामलों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण रिजॉल्यूशन प्रक्रिया लगातार लंबी होती गई।

प्रोजेक्ट से जुड़ी जमीन, डेवलपमेंट राइट्स और कुछ कॉन्ट्रैक्ट्स को लेकर भी सवाल बने हुए हैं। इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि इन मुद्दों का समाधान नहीं हुआ तो रिजॉल्यूशन प्लान मंजूर होने के बाद भी निर्माण कार्य में देरी हो सकती है। जानकारी के मुताबिक, इस प्रक्रिया में शामिल कंपनियों की सिर्फ बोली राशि ही नहीं बल्कि उनकी वित्तीय स्थिति, फंडिंग क्षमता और बड़े प्रोजेक्ट पूरे करने के अनुभव का भी मूल्यांकन किया जा रहा है। बाजार से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि इतने लंबे समय से अटके रियल एस्टेट प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए मजबूत वित्तीय आधार और कानूनी चुनौतियों को संभालने की क्षमता बेहद जरूरी है।

सार्वजनिक रिपोर्ट्स के अनुसार एलजेके कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ी कुछ संपत्तियों पर अलग मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई हुई है। वहीं हलवासिया ग्रुप से जुड़े अनंता टॉवर प्रोजेक्ट की कुछ संपत्तियों पर टैक्स अधिकारियों द्वारा अटैचमेंट की खबरें भी सामने आई हैं। इन मामलों का मौजूदा CIRP प्रक्रिया पर क्या असर पड़ेगा, यह आने वाले कानूनी और नियामकीय फैसलों पर निर्भर करेगा।

होमबायर्स के लिए सबसे बड़ा सवाल अभी भी यही है कि क्या चुनी गई कंपनी वास्तव में प्रोजेक्ट को पूरा कर पाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि रिजॉल्यूशन प्लान मंजूर होना सिर्फ शुरुआत होती है, असली चुनौती होती है फंड जुटाना, विवाद सुलझाना, सरकारी मंजूरियां लेना और तय समय में निर्माण पूरा करना। अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या एंडीज टाउन प्लानर्स का यह प्रोजेक्ट आखिरकार जमीन पर आगे बढ़ पाएगा या फिर मामला एक बार फिर देरी के चक्र में फंस जाएगा।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!