Edited By Mamta Yadav,Updated: 06 Apr, 2025 03:48 AM

श्रीरामजन्मभूमि पर विराजमान रामलला के जन्मोत्सव पर भगवान सूर्य का तिलक का ट्रायल शनिवार को किया गया। सूत्रों के अनुसार रामनवमी के पूर्व भगवान रामलला के ललाट पर भगवान सूर्य ने तिलक किया। तिलक का ट्रायल ठीक बारह बजे किया गया। सूर्य तिलक का ट्रायल करीब...
Ayodhya News: श्रीरामजन्मभूमि पर विराजमान रामलला के जन्मोत्सव पर भगवान सूर्य का तिलक का ट्रायल शनिवार को किया गया। सूत्रों के अनुसार रामनवमी के पूर्व भगवान रामलला के ललाट पर भगवान सूर्य ने तिलक किया। तिलक का ट्रायल ठीक बारह बजे किया गया। सूर्य तिलक का ट्रायल करीब आठ मिनट तक हुआ।

दोपहर 12 बजे सूर्यवंशी भगवान राम के ललाट पर सूर्य तिलक
इस दौरान भगवान सूर्य की किरणें सीधे रामलला के ललाट पर पड़ीं। आईआईटी रुड़की और चेन्नई के विशेषज्ञ मौजूद रहे। बताया गया कि रामनवमी के दिन ठीक दोपहर 12 बजे सूर्यवंशी भगवान राम के ललाट पर सूर्य तिलक होगा। इसे लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रामनवमी का महोत्सव आस्था, भव्यता और धार्मिक उल्लास का प्रतीक बन चुका है। इस बार अयोध्या में रामनवमी और भव्य तरीके से मनाई जाएगी। आज यानि 6 अप्रैल 2025 को होने वाले इस आयोजन की तैयारियां जोरों पर हैं।

रामलला की यह दूसरी रामनवमी होगी
राम मंदिर में विराजमान रामलला की यह दूसरी रामनवमी होगी, जिसमें उनके जन्मोत्सव के लिए विशेष अनुष्ठान होंगे। सुबह 10:20 बजे से शुरू होने वाले अनुष्ठानों में रामलला को पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और सरयू जल) से स्नान कराया जाएगा। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्हें कीमती वस्त्र और साफे की पगड़ी या विशिष्ट मुकुट पहनाया जाएगा।
रामानंदी परंपरा से होगी पूजा
राम मंदिर के पुजारी संतोष तिवारी ने बताया कि 33 साल तक टाट में रहने के दौरान रामलला का उत्सव प्रतीकात्मक था, लेकिन अब मंदिर ट्रस्ट भव्यता के साथ जन्मोत्सव मना रहा है। रामानंदी परंपरा से रामलला का पूजा की जाएगी।