'पहले अपना 8 हजार करोड़ का विमान बेचें मोदी', PM Modi की अपील पर भड़के अविमुक्तेश्वरानंद, कहा - बचत की शुरुआत घर से होती है

Edited By Purnima Singh,Updated: 12 May, 2026 01:46 PM

avimukteshwaranand lashes out at pm modi s appeal

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मितव्ययिता की अपील पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सोमवार को कहा कि सरकार को लोगों से खर्च में कटौती करने के लिए कहने से पहले अपने '8,000 करोड़ रुपये के...

सोनभद्र : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मितव्ययिता की अपील पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सोमवार को कहा कि सरकार को लोगों से खर्च में कटौती करने के लिए कहने से पहले अपने ''8,000 करोड़ रुपये के विमान'' को बेचकर अपेक्षाकृत कम ईंधन खपत वाले विमानों का उपयोग करना चाहिए। सोनभद्र में अपनी 'गोविष्ट यात्रा' के दौरान संत ने पत्रकारों से कहा कि अमेरिकी डॉलर 100 रुपये के करीब पहुंच रहा है और मितव्ययिता के उपाय सत्ता में बैठे लोगों से शुरू होने चाहिए। 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोना न खरीदने की अपील पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, ''पहले 8,000 करोड़ रुपये के विमान को बेचकर कम ईंधन खपत वाले विमान का इस्तेमाल किया जाए। धर्म का काम घर से शुरू होना चाहिए।'' अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि डॉलर 95 रुपये तक पहुंच चुका है और जल्द ही 100 रुपये के पार जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि केरल, पश्चिम बंगाल और झारखंड की तुलना में उत्तर प्रदेश में गायों की आबादी ''घटी'' है और कहा कि देश के नेता और राजनीतिक दल गो हत्या रोकने में ''नाकाम रहे हैं'', इसलिए अब वह गो प्रेमी मतदाताओं के बीच जाकर उन्हें जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा का मुख्य उद्देश्य गो रक्षा और गौ प्रतिष्ठा है। 

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोप लगाया, ''कुछ नेता गो हत्यारों से पैसा लेकर अपनी राजनीति चमका रहे हैं। ऐसे में गो हत्या बंद होने की उम्मीद करना व्यर्थ है। मतदाताओं को ऐसे लोगों को वोट नहीं देना चाहिए।'' उन्होंने राज्य सरकार को ''कागजी शेर'' बताया। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए वह विभिन्न क्षेत्रों में जाकर मतदाताओं को जागरूक कर रहे हैं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, ''संत का पद राजा से ऊंचा होता है। योगी आदित्यनाथ ने संत रहते हुए मुख्यमंत्री पद स्वीकार किया, जिससे वह अपने पद से नीचे आ गए। अब वह मुख्यमंत्री हैं, संत नहीं।'' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी गोशालाओं में गायों की स्थिति खराब है। 

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