Edited By Anil Kapoor,Updated: 12 Apr, 2026 11:25 AM

Mathura News: धर्मनगरी वृंदावन में यमुना की लहरों ने शुक्रवार को ऐसा कहर बरपाया कि कई परिवारों के चिराग बुझ गए। वृंदावन और मांट के बीच हुए इस भीषण नाव हादसे में मरने वालों का आंकड़ा अब बढ़कर 13 हो गया है। प्रशासन ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते...
Mathura News: धर्मनगरी वृंदावन में यमुना की लहरों ने शुक्रवार को ऐसा कहर बरपाया कि कई परिवारों के चिराग बुझ गए। वृंदावन और मांट के बीच हुए इस भीषण नाव हादसे में मरने वालों का आंकड़ा अब बढ़कर 13 हो गया है। प्रशासन ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए नाव चालक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। नदी की गहराई में अब भी लापता लोगों की तलाश के लिए महा-अभियान (Mega Rescue) जारी है।
जब चीख-पुकार में बदल गए जयकारे
यह दर्दनाक हादसा शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे उस समय हुआ जब श्रद्धालुओं से भरी एक नाव वृंदावन से मांट की ओर जा रही थी। पॉन्टून पुल के समीप पहुंचते ही नाव अचानक अनियंत्रित होकर यमुना के गहरे पानी में पलट गई। चश्मदीदों के मुताबिक, नाव पर क्षमता से अधिक लोग सवार थे। पलक झपकते ही हंसता-खेलता माहौल चीख-पुकार में बदल गया। स्थानीय लोग और मल्लाह तुरंत बचाव के लिए कूदे, लेकिन पानी का बहाव और गहराई काल बन गई।
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13 जिंदगियां खत्म, सर्च ऑपरेशन का दायरा बढ़ा
शनिवार देर शाम और रविवार सुबह चले सर्च ऑपरेशन में कुछ और शव बरामद होने के बाद मृतकों की संख्या 13 तक पहुंच गई है। बरामद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। एसपी देहात के अनुसार, घटनास्थल से काफी दूर तक शव बहकर चले गए थे, जिन्हें निकालने के लिए गोताखोरों को भारी मशक्कत करनी पड़ी। प्रशासन को डर है कि अभी भी कुछ लोग लापता हो सकते हैं, इसलिए सर्च ऑपरेशन का दायरा 2 से 3 किलोमीटर तक बढ़ा दिया गया है।
प्रशासनिक कार्रवाई: चालक पर गिरी गाज
हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन एक्शन मोड में है। शुरुआती जांच में पता चला है कि नाव पर क्षमता से अधिक भीड़ थी और सुरक्षा मानकों (Life Jackets) की पूरी तरह अनदेखी की गई थी। पुलिस ने नाव चालक के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या और लापरवाही की धाराओं में केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। शनिवार को उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
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रेस्क्यू में जुटी ताकत: NDRF और SDRF का मोर्चा
यमुना की लहरों के बीच लापता लोगों को खोजने के लिए भारत की सबसे बड़ी रेस्क्यू एजेंसियां तैनात हैं:-
- NDRF की 8 टीमें: आधुनिक उपकरणों और मोटर बोट्स के साथ सघन तलाशी ले रही हैं।
- SDRF की 5 टीमें: नदी के किनारों और गहराई में गोताखोरी कर रही हैं।
- PAC की फ्लड यूनिट: पीएसी के जवान भी लगातार पेट्रोलिंग कर रहे हैं।
- स्थानीय गोताखोर: यमुना की गहराई से वाकिफ स्थानीय मल्लाह भी प्रशासन की मदद कर रहे हैं।
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परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के घरों में कोहराम मच गया है। घाट पर मौजूद परिजनों की आंखें अब भी यमुना की लहरों पर टिकी हैं, इस उम्मीद में कि शायद उनका कोई अपना सुरक्षित मिल जाए। जिला प्रशासन ने मृतकों के आश्रितों को उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है।