Edited By Anil Kapoor,Updated: 02 Jul, 2026 06:50 AM

लखनऊ के विभूति खंड क्षेत्र में पुलिस ने बुधवार को एक फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए 119 लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक विभूति खंड थाना क्षेत्र स्थित समिट बिल्डिंग की 11वीं मंजिल पर बने दफ्तरों से संचालित किए...
Lucknow News: लखनऊ के विभूति खंड क्षेत्र में पुलिस ने बुधवार को एक फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए 119 लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक विभूति खंड थाना क्षेत्र स्थित समिट बिल्डिंग की 11वीं मंजिल पर बने दफ्तरों से संचालित किए जा रहे इस फर्जी कॉल सेंटर से जालसाज देश-विदेश में ठगी करते थे। उन्होंने बताया कि वह ऑनलाइन शॉपिंग साइट से रिफंड दिलाने के नाम पर साइबर ठगी करते थे।
डॉलर ऐप से इंटरनेशनल ठगी
पुलिस सूत्रों ने बताया कि यह छापेमारी लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की साइबर प्रकोष्ठ और साइबर थाने की संयुक्त टीम ने की। उन्होंने बताया कि यह कॉल सेंटर मुख्य रूप से रात में काम करता था और कथित तौर पर डॉलर ऐप का इस्तेमाल करके तकनीकी धोखाधड़ी और तरह-तरह के लालच देकर लोगों को ठगता था। पुलिस ने एक बयान में कहा कि छापेमारी के दौरान 119 लोगों को हिरासत में लिया गया।
100 लैपटॉप, 178 मोबाइल और अहमदाबाद के 2 मास्टरमाइंड
बयान के मुताबिक, ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने 100 लैपटॉप, कॉलिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले 178 मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण, दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक सुबूत जब्त किए और शुरुआती जांच से पता चला है कि यह कॉल सेंटर सोलारिस सॉल्यूशन नाम से संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने बताया कि इस फर्जी कॉल सेंटर के संचालक प्रबंधकों अहमदाबाद निवासी ललित खैराजानी और विक्रम सिंह परमार को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है।
फोरेंसिक जांच और पूरे सिंडिकेट पर शिकंजा
बयान के अनुसार जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों को तकनीकी और फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क, इसके पीड़ितों और पैसों के लेन-देन से जुड़ी जानकारियां एकत्र की जा सकें। पुलिस सूत्रों ने कहा कि हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ और डिजिटल सुबूतों के विश्लेषण के आधार पर संगठित अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी सिंडिकेट के अन्य सदस्यों की भूमिका की जांच की जा रही है।