बड़ा मंगल पर भक्ति के साथ स्वच्छता का संदेश, लखनऊ में 500 के करीब भंडारों में दिखी ‘ग्रीन सेवा’

Edited By Ramkesh,Updated: 07 May, 2026 05:36 PM

a message of cleanliness and devotion on bada mangal  green seva  seen at nearl

उत्तर प्रदेश की राजधानी में आस्था, खान-पान और बढ़ती पर्यावरणीय चेतना एक साथ देखने को मिली, जब पहले 'बड़ा मंगल' के मौके पर पूरे शहर में लगभग पांच सौ सामुदायिक भंडारे आयोजित किये गये। लखनऊ नगर निगम (एलएमसी) के अनुसार, इस वर्ष कम से कम 470 भंडारों का...

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी में आस्था, खान-पान और बढ़ती पर्यावरणीय चेतना एक साथ देखने को मिली, जब पहले 'बड़ा मंगल' के मौके पर पूरे शहर में लगभग पांच सौ सामुदायिक भंडारे आयोजित किये गये। लखनऊ नगर निगम (एलएमसी) के अनुसार, इस वर्ष कम से कम 470 भंडारों का पूर्व में पंजीकरण किया गया था। प्रत्येक स्थल पर अपशिष्ट पृथक्करण की व्यवस्था की गई और शहर भर में 79 टैंकर के माध्यम से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की गई। 

अधिकारियों के मुताबिक, अपंजीकृत भंडारे की संख्या कहीं अधिक हो सकती है। हिंदू कैलेंडर माह ज्येष्ठ के मंगलवार को मनाया जाने वाला और भगवान हनुमान को समर्पित, 'बड़ा मंगल' लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर भोजन वितरण के साथ मनाया जाता है। पूरी-सब्जी, शरबत और बूंदी जैसे पारंपरिक प्रसाद का बोलबाला इस बार भी जारी रहा। हाल के वर्षों में आयोजकों ने कढ़ी-चावल, छोले-चावल, मिठाई, शरबत और पनीर को भी शामिल कर व्यंजन सूची का विस्तार किया है।

 हजरतगंज और अलीगंज से लेकर गोमती नगर, इंदिरानगर, विकास नगर, चौक, राजाजीपुरम, आलमबाग और चारबाग तक इन भंडारों में दिन भर हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। कुछ स्थानों पर, आयोजकों ने कुल्फी और आइसक्रीम भी परोसी, जो उत्सव के बढ़ते पैमाने और विविधता को दर्शाता है। नगर निगम ने "शून्य अपशिष्ट भंडारा" अभियान चलाया, जिसमें आयोजकों से एकल-उपयोग प्लास्टिक से बचने और पत्ती प्लेट और मिट्टी के कप जैसे पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाने का आग्रह किया गया। नगर निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "गीले और सूखे कचरे को अलग करने के लिए सभी 470 पंजीकृत स्थलों पर विशेष व्यवस्था की गई थी, और स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता अभियान चलाया गया।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के बाद स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए सभी आठ क्षेत्रों में स्वच्छता टीम को तैनात किया गया। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने अधिकारियों को कड़ी निगरानी बनाए रखने का निर्देश दिया और निवासियों से बेहतर प्रबंधन की सुविधा के लिए नागरिक हेल्पलाइन या मोबाइल ऐप के माध्यम से आगामी भंडारों को पंजीकृत करने की अपील की। अभियान को गति देते हुए, 'वॉटर वुमन' के नाम से मशहूर पर्यावरण कार्यकर्ता शिप्रा पाठक ने हनुमान मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों सहित प्रमुख स्थानों पर पर्यावरण-अनुकूल पत्तों की लगभग 55,000 प्लेट वितरित कीं। पाठक ने आयोजकों से पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को अपनाने का आग्रह करते हुए कहा, "ऐसी बड़े कार्यक्रमों में इस्तेमाल की जाने वाली प्लास्टिक प्लेट नालों और गोमती जैसी नदियों को प्रदूषित करती हैं। अगर हम अभी कार्रवाई नहीं करते हैं, तो आने वाली पीढ़ियों को नुकसान होगा।

उन्होंने कहा कि उनका संगठन हर मंगलवार को यह पहल जारी रखेगा और उन्होंने सामाजिक समूहों और नागरिकों से लखनऊ को प्लास्टिक मुक्त बनाने के प्रयास में शामिल होने की अपील की। इससे पहले, उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने भी भक्तिमय सेवा को नागरिक जिम्मेदारी से जोड़ते हुए "स्वच्छ, प्लास्टिक मुक्त और हरित बड़ा मंगल" की अपील की थी। उन्होंने कहा "जब हम भक्तों की सेवा करते हैं, तो पर्यावरण की रक्षा करना भी हमारा कर्तव्य है।

सेवा और स्वच्छता साथ-साथ चलती है।" अरुण ने आयोजकों से प्लास्टिक और थर्मोकोल वस्तुओं का उपयोग बंद करने और कार्यक्रम स्थलों पर उचित अपशिष्ट निपटान सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, "बड़ा मंगल लखनऊ की सद्भाव और सेवा की अनूठी संस्कृति को दर्शाता है। आइए हम इसे इस तरह से मनाएं जिससे हमारा पर्यावरण भी सुरक्षित रहे।" अधिकारियों ने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण पहल के तहत रायशुमारी भी हो रही है, जबकि शहर भर में स्वच्छता वाहनों के माध्यम से जागरूकता संदेश प्रसारित किए गए हैं। 
 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!