Edited By Ramkesh,Updated: 28 Apr, 2026 05:20 PM

योगी सरकार में किसानों का हित प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए पिछले 9 वर्षों से लगातार कोशिशें जारी हैं। अलग-अलग तकनीकी को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाई जा रही है। इसी क्रम में गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विकास...
लखनऊ: योगी सरकार में किसानों का हित प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए पिछले 9 वर्षों से लगातार कोशिशें जारी हैं। अलग-अलग तकनीकी को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाई जा रही है। इसी क्रम में गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विकास विभाग ने ड्रिप इरीगेशन (बूंद-बूंद सिंचाई) को बढ़ावा दिया है। यह तरीका अपनाने वाले किसानों को गन्ना उत्पादन में 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी मिली है।
ड्रिप इरीगेशन संयंत्र
गन्ना विभाग के मुताबिक पिछले 9 वर्षों में 73,078 हेक्टेयर गन्ना क्षेत्रफल में ड्रिप इरीगेशन संयंत्र की स्थापना की जा चुकी है। जो किसान इसका उपयोग कर रहे हैं, वहां उत्पादन 25 प्रतिशत बढ़ा है। ड्रिप इरीगेशन में बूंद-बूंद पानी सिंचाई के लिए उपयोग होता है। इससे 50 प्रतिशत तक जल की बचत भी हो रही है। करीब इतनी ही उर्वरकों की भी बचत हो रही है, क्योंकि इनको पानी में मिलाकर ही पौध तक आसानी से पहुंचा दिया जाता है।
आय में वृद्धि
पानी और उर्वरकों की बर्बादी कम होने के साथ ही किसानों पर इसके खर्च का बोझ भी कम हुआ है। यह उनकी आय में वृद्धि की प्रमुख वजह भी बन रहा है। गन्ना विभाग के मुताबिक ड्रिप इरीगेशन के जरिए क्षारयुक्त और कम बारिश वाले क्षेत्रों में भी गन्ने की खेती संभव हो पाई है। पिछले कई वर्षों में ड्रिप इरीगेशन के फायदे देखकर इसे अपनाने वाले किसानों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
एथनॉल का बढ़ा उत्पादन
गन्ना विभाग के मुताबिक वर्ष 2017 तक उत्तर प्रदेश में मात्र 37 चीनी मिलों में एथनॉल प्लांट थे। इनकी क्षमता लगभग 88 करोड़ लीटर वार्षिक थी लेकिन उत्पादन महज 42 करोड़ लीटर था। वहीं वर्तमान में 53 चीनी मिलों की एथनॉल उत्पादन क्षमता बढ़ाकर करीब 258 करोड़ लीटर वार्षिक हो चुका है। शुगर सेक्टर की एथनॉल उत्पादन बढ़कर 137 करोड़ लीटर तक पहुंच गया है।