Edited By Ramkesh,Updated: 07 May, 2026 06:45 PM

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को कोलकाता में पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी से मुलाकात कर उनके प्रति एकजुटता व्यक्त की। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव...
लखनऊ: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को कोलकाता में पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी से मुलाकात कर उनके प्रति एकजुटता व्यक्त की। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने ममता के कालीघाट स्थित आवास पर अखिलेश का स्वागत किया। यह बैठक सियासी लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे आने के बाद विपक्षी दल अपनी रणनीतियों पर फिर से विचार कर रहे हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि हम इस लड़ाई में दीदी(ममता बनर्जी) के साथ हैं क्योंकि लोकतंत्र को बचाना है। लोकतंत्र को इतना नुकसान किसी ने नहीं पहुंचाया होगा जितना भाजपा ने पहुंचाया है। भाजपा सत्ता के लिए किसी भी सीमा तक जा सकती है। कोई भी कानून तोड़ सकते हैं...मुझे उम्मीद है कि बंगाल में जो हुआ है उसके बाद देश की जनता जाग जाएगी। ममता ने पश्चिम बंगाल चुनावों में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) को मजबूत करने का संकल्प लिया है। बताया जा रहा है कि ममता से मुलाकात में अखिलेश ने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ विपक्षी एकता के लिए अपने समर्थन को दोहराया।
गौरतलब है कि भाजपा ने 294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा की 207 सीट जीतकर सदन में दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लिया, जिससे राज्य में तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन का अंत हो गया। तृणमूल कांग्रेस को विधानसभा चुनाव में महज 80 सीट से संतोष करना पड़ा।