Edited By Ramkesh,Updated: 22 Feb, 2025 05:20 PM
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महराजगंज में आत्महत्या करने वाले धर्मात्मा निषाद के घर जा रहे कैबिनेट मंत्री संजय निषाद के पुत्र विधायक श्रवण निषाद को आक्रोशित ग्रामीणों के हंगामे का सामना करना पड़ा। नाराज ग्रामीणों ने विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई...
महराजगंज (मार्तण्ड गुप्ता): महराजगंज में आत्महत्या करने वाले धर्मात्मा निषाद के घर जा रहे कैबिनेट मंत्री संजय निषाद के पुत्र विधायक श्रवण निषाद को आक्रोशित ग्रामीणों के हंगामे का सामना करना पड़ा। नाराज ग्रामीणों ने विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि ग्रामीणों ने विधायक के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। आखिर में उन्हें गांव छोड़कर जाने पर मजबूर होना पड़ा। विधायक के साथ मौजूद बॉडीगार्ड और स्थानीय पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस की समझने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा कुछ शांत हुआ। उन्होंने कहा कि श्रवण निषाद ने उन पर पैसों का लालच देकर दबाव बनाने की कोशिश की। ग्रामीणों ने भी इस आरोप का समर्थन किया।
आप को बता दें कि महाराजगंज जिले में निषाद पार्टी प्रदेश सचिव ने फांसी लगाकर मौत को गले लगा लिया था । मौत से पहले उसने एक सुसाइड नोट फेसबुल पर लिखा था मैं निषाद पार्टी प्रदेश सचिव ने पोस्ट में लिखा, ''10 साल से मैं निषाद पार्टी से जुड़ा रहा। जितना समय मैंने पार्टी को दिया, उतना तो अपने परिवार को भी नहीं दिया। मेरी लोकप्रियता देखकर इन लोगों की बेचैनी बढ़ने लगी। 2 साल से ये लोग मुझे कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। इन लोगों की वजह से मुझे जेल जाना पड़ा। मेरा मन करता था इन सबको जान से मार दूं। लेकिन ऐसा नहीं कर सकता हूं इसलिए सुसाइड कर रहा हूं। जिसमें आरोप लगाया था मेरी मौत के जिम्मेदार संजय निषाद हैं।