जिस बेटे को लोग समझ रहे थे निर्दोष... निकला कातिल, इस वजह से घर में बिछाईं चार लाशें

Edited By Ramkesh,Updated: 03 Jun, 2026 06:08 PM

the son whom people thought was innocent turned out to be the murderer leadin

उत्तर प्रदेश में प्रयागराज के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित साउथ मलाका में एक ही परिवार के चार सदस्यों की हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने 12 घंटे के भीतर खुलासा करते हुये आरोपी सनी गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है और उसके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त...

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश में प्रयागराज के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित साउथ मलाका में एक ही परिवार के चार सदस्यों की हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने 12 घंटे के भीतर खुलासा करते हुये आरोपी सनी गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है और उसके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त लोहे का पाइप तथा लूटे गए आभूषण बरामद किए हैं। 

बरामद आभूषणों की अनुमानित कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये
पुलिस सूत्रों ने बुधवार को बताया कि आरोपी से बरामद सामान में 1002.12 ग्राम सोने के आभूषण, 360.26 ग्राम चांदी के आभूषण तथा एक हजार रुपये नकद शामिल हैं। बरामद आभूषणों की अनुमानित कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये बताई जा रही है। आरोपी को मुट्ठीगंज स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया।

पिता ने बेटे को किया था बेदखल 
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक वीरेंद्र कुमार वैश्य के पुत्र अभिषेक वैश्य पर भारी कर्ज था और पिता ने उसे अपनी संपत्ति से बेदखल कर दिया था। इसी बात को लेकर पिता-पुत्र के बीच अक्सर विवाद होता था। पुलिस का दावा है कि अभिषेक ने अपने साथी सनी गुप्ता के साथ मिलकर परिवार के सदस्यों की हत्या की साजिश रची। 

हत्या के बाद आभूषण लूट की घटना को दिया था अंजाम 
मुताबिक, 31 मई को शाम के समय अभिषेक और सनी ने पहले वीरेंद्र वैश्य की बेटी मीनाक्षी की हत्या की, जब वह दुकान खोलने के लिए पहुंची थी। इसके बाद दोनों ने घर में सो रहे वीरेंद्र वैश्य और उनकी पत्नी अनीता की हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों ने घर में रखे आभूषण लूट लिए। पुलिस के अनुसार, लूटे गए आभूषणों के बंटवारे को लेकर बाद में अभिषेक और सनी के बीच विवाद हो गया। इसी दौरान सनी गुप्ता ने अभिषेक की भी हत्या कर दी। आरोप है कि हत्या के बाद उसने सबूत मिटाने के लिए अभिषेक के शव पर टॉयलेट साफ करने वाला तेजाब डाला और घटनास्थल पर खून के निशान साफ करने का प्रयास किया।    

आरोपी का कोई भी आपराधिक इतिहास नहीं 
मामले में मृतक वीरेंद्र वैश्य के भांजे मंजीत केसरवानी की तहरीर पर कोतवाली थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोपी की गिरफ्तारी और लूट का सामान बरामद होने के बाद मुकदमे में लूट संबंधी धाराएं भी जोड़ी गई हैं। पुलिस कमिश्नर जोगिंदर कुमार ने बताया कि आरोपी सनी गुप्ता का कोई आपराधिक इतिहास नहीं मिला है। हत्याकांड के खुलासे के लिए पांच पुलिस टीमों का गठन किया गया था।

हत्या के तीन दिन बाद घटना की हुई जानकारी 
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को साउथ मलाका स्थित मकान और दुकान से एक ही परिवार के चार सदस्यों के शव बरामद हुए थे। मृतकों में 70 वर्षीय वीरेंद्र कुमार वैश्य, उनकी 65 वर्षीय पत्नी अनीता वैश्य, 45 वर्षीय बेटी मीनाक्षी वैश्य तथा 40 वर्षीय पुत्र अभिषेक वैश्य शामिल थे। शव दो से तीन दिन पुराने बताए गए थे, जिनसे दुर्गंध आने पर पुलिस ने घर और दुकान का ताला तोड़कर उन्हें बरामद किया था। घटनास्थल से एक गत्ते पर लाल पेन से लिखा संदेश भी मिला था, जिसमें 'बंटी, बबली और बहू ने मारा' लिखा था। पुलिस का कहना है कि यह संदेश जांच को गुमराह करने के उद्देश्य से छोड़ा गया था। 
 

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