Edited By Ramkesh,Updated: 18 Apr, 2026 06:03 PM

इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से जुड़े कथित दोहरी नागरिकता मामले में अहम हस्तक्षेप करते हुए अपने ही पूर्व आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिना संबंधित पक्ष को नोटिस...
लखनऊ: इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से जुड़े कथित दोहरी नागरिकता मामले में अहम हस्तक्षेप करते हुए अपने ही पूर्व आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिना संबंधित पक्ष को नोटिस दिए ऐसे मामले में अंतिम आदेश पारित करना उचित नहीं है।
राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का दिया था आदेश
दरअसल, हाई कोर्ट की खंडपीठ ने शुक्रवार को ओपन कोर्ट में राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश सुनाया था। यह आदेश कर्नाटक निवासी याची एस. विग्नेश शिशिर की याचिका पर दिया गया था, जिसमें राहुल गांधी पर दोहरी नागरिकता समेत कई गंभीर आरोप लगाए गए थे। याची ने भारतीय न्याय संहिता, आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, विदेशी अधिनियम और पासपोर्ट अधिनियम के तहत जांच की मांग की थी।
बिना नोटिस दिए आदेश पारित करना विधिक के अनुरूप नहीं
हालांकि, आदेश के टाइप और हस्ताक्षर से पहले न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी ने वर्ष 2014 के एक पूर्ण पीठ के फैसले का संज्ञान लिया। इस फैसले के अनुसार, ऐसे मामलों में प्रस्तावित अभियुक्त को नोटिस जारी करना अनिवार्य है। कोर्ट ने पाया कि बिना नोटिस दिए आदेश पारित करना विधिक प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है।
नोटिस के बाद तय होगी अगली सुनवाई
सुनवाई के दौरान याची और केंद्र व राज्य सरकार के अधिवक्ताओं से यह भी पूछा गया था कि क्या राहुल गांधी को नोटिस देना आवश्यक है, जिस पर जवाब मिला कि इसकी जरूरत नहीं है। इसी आधार पर प्रारंभिक आदेश सुनाया गया था। अब कोर्ट ने अपने उस आदेश पर रोक लगाते हुए मामले की अगली सुनवाई 20 अप्रैल तय की है। फिलहाल इस मामले में आगे की कार्रवाई नोटिस जारी होने और अगली सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।