सोनभद्र खदान हादसा: कंपनी मालिक समेत 3 पर FIR, 15 मजदूरों के दबे होने की आशंका… NDRF-SDRF का रेस्क्यू जारी

Edited By Mamta Yadav,Updated: 17 Nov, 2025 12:47 AM

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सोनभद्र के ओबरा थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर हुए भीषण खदान हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। खनन के दौरान अचानक पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा धंसकर लगभग डेढ़ दर्जन मजदूरों पर जा गिरा। इस दुर्घटना में एक मजदूर की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अब भी...

Sonbhadra News: सोनभद्र के ओबरा थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर हुए भीषण खदान हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। खनन के दौरान अचानक पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा धंसकर लगभग डेढ़ दर्जन मजदूरों पर जा गिरा। इस दुर्घटना में एक मजदूर की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अब भी मलबे के नीचे फंसे होने की आशंका है। मृतक के भाई छोटू यादव की तहरीर पर खनन कंपनी के मालिक सहित 3 लोगों के खिलाफ ओबरा कोतवाली में FIR दर्ज की गई है।

रेस्क्यू ऑपरेशन दूसरे दिन भी जारी
हादसे के 28 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी NDRF और SDRF की टीमें लगातार मलबा हटाने में जुटी हैं। खदान की गहराई लगभग 300 फीट होने के कारण राहत कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। संकरे रास्ते और भारी मलबे के कारण बचाव उपकरणों को नीचे तक ले जाना कठिन साबित हो रहा है। टीमें जेसीबी, क्रेन और रस्सियों की मदद से मशीनरी नीचे उतार रही हैं। इसके अलावा ड्रोन कैमरों से मलबे की स्थिति और फंसे मजदूरों के संभावित स्थानों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

"अचानक तेज आवाज हुई और पहाड़ी धंस गई" – चश्मदीद छोटू|
घटनास्थल पर मौजूद मजदूर छोटू ने बताया,  “करीब 18 मजदूर नीचे काम कर रहे थे। अचानक तेज धमाका हुआ और पूरा हिस्सा ढह गया। मैं किसी तरह बाहर निकल पाया और तुरंत पुलिस को खबर दी।” छोटू के दो परिजन अभी भी लापता हैं, जिससे परिवार में दहशत और चिंता का माहौल है।

टीमें कठिन हालात में कर रहीं ऑपरेशन
उदय गुप्ता, जो मौके पर मौजूद हैं, ने बताया कि SDRF और NDRF के जवान बेहद खतरनाक परिस्थितियों में काम कर रहे हैं। ऊंचाई से आया मलबा जगह-जगह अटका हुआ है, खदान का रास्ता संकरा है और इससे बचाव अभियान में लगातार बाधाएं आ रही हैं। मजदूरों के परिजन घटनास्थल पर टकटकी लगाए अपने प्रियजनों के सुरक्षित निकलने का इंतजार कर रहे हैं।

प्रशासन ने समीक्षा की, जांच के आदेश
मिर्जापुर के कमिश्नर राजेश प्रकाश ने घटना स्थल का निरीक्षण किया और कहा, “कितने लोग दबे हैं, यह कहना अभी मुश्किल है। स्थिति मलबा हटने के बाद ही स्पष्ट होगी। रेस्क्यू टीम पूरे प्रयास में लगी है।” प्रशासन ने हादसे में लापरवाही की जांच कराने की भी बात कही है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और भय का माहौल बना हुआ है।

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