Edited By Mamta Yadav,Updated: 16 Nov, 2025 11:30 PM

सोनभद्र के खनन क्षेत्र में हुए हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन 28 घंटे से भी अधिक समय से बिना रुके जारी है। राहत टीमों ने बताया कि लगभग 50% बचाव कार्य पूरा किया जा चुका है, लेकिन 40–50 टन का एक विशाल पत्थर राहत कार्य में सबसे बड़ी बाधा बनकर खड़ा है।...
Sonbhadra News: सोनभद्र के खनन क्षेत्र में हुए हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन 28 घंटे से भी अधिक समय से बिना रुके जारी है। राहत टीमों ने बताया कि लगभग 50% बचाव कार्य पूरा किया जा चुका है, लेकिन 40–50 टन का एक विशाल पत्थर राहत कार्य में सबसे बड़ी बाधा बनकर खड़ा है। टीमों का कहना है कि पत्थर हटाए बिना फंसे मजदूरों तक पहुंच पाना संभव नहीं है।
15 मजदूरों के फंसे होने की आशंका
ब्लास्टिंग के दौरान पहाड़ी का बड़ा हिस्सा धंसने से कई मजदूर मलबे में दब गए। प्रशासन ने पुष्टि की है कि करीब 15 मजदूर अब भी फंसे हुए हैं, जबकि अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है। घटनास्थल पर 10–12 वाहन और भारी मशीनरी लगातार काम में लगी हुई हैं। परिजन भी वहीं मौजूद हैं और अपने परिजनों की सकुशल वापसी की दुआ कर रहे हैं।
अधिकारियों ने क्या कहा?
अधिकारियों के अनुसार, जब तक बड़े पत्थर को पूरी तरह हटाया नहीं जाता, तब तक स्थिति के बारे में कोई अंतिम बयान देना मुश्किल है। प्रशासन ने बताया कि इस हादसे में तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है और जांच जारी है।
रेस्क्यू में बढ़ती चुनौतियां
रेस्क्यू टीम के कर्मचारियों ने बताया कि आधा काम पूरा होने के बावजूद, मलबे के भीतर फंसे विशाल पत्थर ने ऑपरेशन को बेहद जटिल बना दिया है। उन्होंने कहा कि यह पत्थर हटने के बाद ही फंसे मजदूरों तक पहुंचने का रास्ता बनेगा।
स्थानीय लोग दहशत में
हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। भारी मशीनें, पुलिस बल और बचाव टीमें लगातार जुटी हैं, लेकिन समय बीतने के साथ परिजनों की बेचैनी भी बढ़ती जा रही है।