कन्नौज में पुलिस की दरिंदगी: नाम की गलतफहमी में युवक को इस कदर पीटा कि निकल गया टॉयलेट... शरीर पर छपे डंडों के निशान

Edited By Mamta Yadav,Updated: 06 Nov, 2025 12:13 AM

police brutality in kannauj a young man was beaten so badly that he ran to the

जिले से पुलिस की बर्बरता का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सौरिख थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मियों ने एक निर्दोष युवक को इतनी बेरहमी से पीटा कि उसकी हालत नाजुक हो गई। युवक के शरीर पर लाठियों के गहरे निशान हैं और बताया...

Kannauj News: जिले से पुलिस की बर्बरता का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सौरिख थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मियों ने एक निर्दोष युवक को इतनी बेरहमी से पीटा कि उसकी हालत नाजुक हो गई। युवक के शरीर पर लाठियों के गहरे निशान हैं और बताया जा रहा है कि पिटाई के दौरान उसकी हालत इतनी बिगड़ गई कि वह खुद पर काबू नहीं रख सका और टॉयलेट निकल गया।

घटना कैसे हुई
मामला नागला गूड़ा गांव का है। पीड़ित युवक कैलाश राजपूत बाइक से खड़नी जा रहे थे। रास्ते में चौकी इंचार्ज अंकित यादव और सिपाही अरविंद यादव तथा विशाल मिश्रा चेकिंग कर रहे थे। पुलिस ने युवक को रोकने की कोशिश की, लेकिन वह आगे निकल गया। बाद में जब पुलिस ने उसका नाम पूछा और उसने “कैलाश राजपूत” बताया तो पुलिसकर्मियों ने सोचा कि वह विधायक कैलाश राजपूत का नाम लेकर धौंस दिखा रहा है। इसी गलतफहमी में पुलिसवालों ने उसे बेरहमी से लाठियों से पीटना शुरू कर दिया।

विधायक ने खुद थाने पहुंचकर की कार्रवाई की मांग
घटना की जानकारी जब विधायक कैलाश राजपूत तक पहुंची, तो वे तुरंत घायल युवक को लेकर थाना सौरिख पहुंचे। उन्होंने थाना प्रभारी से पूरी जानकारी ली और एसपी विनोद कुमार से फोन पर बात कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। विधायक ने कहा, “सिर्फ नाम की गलतफहमी में एक निर्दोष युवक को जानवरों की तरह पीटा गया, यह अमानवीय है।”

पुलिस ने तीनों आरोपी पुलिसकर्मियों को किया निलंबित
पुलिस मीडिया सेल द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, जांच में चौकी इंचार्ज अंकित यादव और सिपाही अरविंद यादव व विशाल मिश्रा की गलती पाई गई है। तीनों पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित कर दिया गया है। मामले की विभागीय जांच सीओ तिर्वा को सौंपी गई है।

स्थानीय लोगों में आक्रोश
घटना के बाद इलाके में पुलिस के खिलाफ रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई निर्दोष व्यक्ति इस तरह की दरिंदगी का शिकार न बने।

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