Edited By Mamta Yadav,Updated: 16 Nov, 2025 05:49 PM

बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ‘सनातन हिंदू एकता पदयात्रा’ रविवार को अपने 10वें और अंतिम दिन वृंदावन में भव्य रूप से सम्पन्न हुई। यात्रा के समापन कार्यक्रम में पहुंचे जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने मंच से एक बड़ा ऐलान किया।...
Vrindavan News: बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ‘सनातन हिंदू एकता पदयात्रा’ रविवार को अपने 10वें और अंतिम दिन वृंदावन में भव्य रूप से सम्पन्न हुई। यात्रा के समापन कार्यक्रम में पहुंचे जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने मंच से एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द दिल्ली से कश्मीर तक हिंदू एकता पदयात्रा निकाली जाएगी।
“हिंदू जाग गया है”- रामभद्राचार्य
समापन समारोह में बोलते हुए रामभद्राचार्य ने कहा कि अब समय बदल गया है और हिंदू समाज जाग चुका है। उन्होंने कहा- “बहुत हो गया ओम शांति… अब बोलो ओम क्रांति, क्रांति, क्रांति।” उन्होंने यह भी कहा कि हर हिंदू कन्या को झांसी की रानी की तरह मजबूत बनना चाहिए। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि प्रस्तावित दिल्ली–कश्मीर यात्रा में वे स्वयं पूरे समय शामिल रहेंगे।
जनसंख्या बढ़ाने की अपील
अपने संबोधन में रामभद्राचार्य ने हिंदू समुदाय से जनसंख्या बढ़ाने की अपील की। उनका कहना था कि देश में जब तक हिंदुओं की जनसंख्या 80% नहीं होगी, आतंकवाद समाप्त नहीं हो सकता। उन्होंने स्पष्ट कहा- “हिंदुओं को अपनी जनसंख्या बढ़ानी पड़ेगी। कम से कम तीन बच्चे जन्म देने होंगे।”
समान नागरिक संहिता लागू करने की मांग
जगद्गुरु ने कहा कि अब हिंदुओं को एकजुट होकर सरकार पर दबाव बनाना पड़ेगा कि वह जल्द से जल्द समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करे। उन्होंने कहा कि जो भी हिंदू बनना चाहे, संत समाज उसे स्वीकार करेगा। साथ ही उन्होंने संतों को भी एकजुट होकर समाज के प्रति जागरूकता फैलाने की अपील की।
“आतंकवादियों को उचित प्रसाद मिलेगा”
दिल्ली के लाल किले के पास हुए हालिया विस्फोट का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसका जवाब जल्द दिया जाएगा और “उचित प्रसाद” आतंकवादियों को अवश्य मिलेगा। उन्होंने कहा कि अब “माफी” शब्द हिंदुओं के शब्दकोश में नहीं रहा।
10 दिवसीय पदयात्रा का भव्य समापन
पंडित धीरेंद्र शास्त्री की इस 10 दिवसीय पदयात्रा ने दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में धार्मिक एवं सामाजिक चेतना का माहौल बनाया। लाखों श्रद्धालु पूरे सफर में शामिल रहे। अंतिम दिन यात्रा वृंदावन पहुंची जहाँ चारधाम मंदिर परिसर में आरती, कीर्तन, रुद्राभिषेक और भजन संध्या के साथ समापन किया गया। बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- “यह सिर्फ यात्रा नहीं, समाज जागरण का अभियान था। सनातन को एकजुट करने की शक्ति आपने दिखाई है।”