24 घंटे में खुलासा, 300 दिनों में सजा… फिरोजाबाद पुलिस की तेज कार्रवाई से पत्नी-प्रेमी को मिली उम्रकैद

Edited By Mamta Yadav,Updated: 12 Nov, 2025 09:59 PM

disclosure in 24 hours punishment in 300 days due to the swift action of firoz

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक पत्नी ने अपने ही भांजे के साथ मिलकर पति की गला दबाकर हत्या कर दी थी। अब अदालत ने इस जघन्य अपराध के नौ महीने बाद पत्नी रोशनी और उसके प्रेमी गोविंद को आजीवन...

Firozabad News: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक पत्नी ने अपने ही भांजे के साथ मिलकर पति की गला दबाकर हत्या कर दी थी। अब अदालत ने इस जघन्य अपराध के नौ महीने बाद पत्नी रोशनी और उसके प्रेमी गोविंद को आजीवन कारावास (Life Imprisonment) की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों दोषियों पर ₹20,000 का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोनों को एक-एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।

क्या है पूरा मामला
मामला थाना खैरगढ़ क्षेत्र के गांव बेरनी का है, जहां रहने वाले सतेंद्र कुमार की शादी रोशनी से हुई थी। कुछ समय बाद रोशनी के अपने भांजे गोविंद पुत्र चंद्रप्रकाश (निवासी अलीनगर केजरा) से अवैध संबंध बन गए। जब सतेंद्र को इस संबंध की जानकारी हुई तो उसने पत्नी को कई बार समझाने की कोशिश की, लेकिन उसने यह संबंध नहीं तोड़ा। बार-बार विरोध के बाद रोशनी ने अपने प्रेमी गोविंद के साथ मिलकर 14 जनवरी 2025 को पति सतेंद्र की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद मृतक के भाई ने थाने में पत्नी और उसके भांजे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई
खैरगढ़ पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए तेजी से जांच शुरू की। विवेचक निरीक्षक मनोज कुमार ने मात्र 35 दिन में सभी भौतिक साक्ष्य एकत्र कर चार्जशीट दाखिल कर दी। पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित ने बताया कि मामले में एसओजी और सर्विलांस टीमों ने 24 घंटे के भीतर ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।

9 महीने में न्याय
मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (दस्यु प्रभावी क्षेत्र) रमेश चंद्र द्वितीय, कोर्ट संख्या-8 में हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) अजय कुमार शर्मा ने पैरवी की। अदालत ने गवाहों की गवाही और साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए 300 दिनों के भीतर ही उम्रकैद की सजा सुना दी। सजा दिलाने में थाना प्रभारी खैरगढ़, विवेचक मनोज कुमार, मॉनिटरिंग सेल, पैरोकार हेड कांस्टेबल योगेश शर्मा और अभियोजन पक्ष की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

 

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