Gorakhpur Tragedy: BRD अस्पताल पहुंचे CM योगी और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा

  • Gorakhpur Tragedy: BRD अस्पताल पहुंचे CM योगी और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा
You Are Here
Gorakhpur Tragedy: BRD अस्पताल पहुंचे CM योगी और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डाGorakhpur Tragedy: BRD अस्पताल पहुंचे CM योगी और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डाGorakhpur Tragedy: BRD अस्पताल पहुंचे CM योगी और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा

नई दिल्ली\गोरखपुर: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ BRD अस्पताल पहुंचे। इस दौरान दोनों ने मिलकर अस्पताल के सारे इंतजामों का जायजा लिया। उत्तर प्रदेश में गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में अॉक्सीजन की कमी से 79 बच्चों की दर्दनाक मौत हो चुकी है।आधिकारिक सूत्रों के अनुसार नड्डा के साथ विशेषज्ञों का एक दल भी जा रहा है।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने योगी के साथ खास तौर से अस्पताल के इन्सेफलाइटिस वार्ड को देखने गए जहां कथित रूप से अॉक्सीजन की आपूर्ति बाधित होने के कारण 7 अगस्त से 11 अगस्त के बीच 60 मासूमों की मौत होने की बात राज्य सरकार ने खुद कबूली है। नड्डा और मुख्यमंत्री ने अस्पताल में मरीजों को देखा और डॉक्टरों से बातचीत की। दोनों ने अस्पताल में आक्सीजन की आपूर्ति के इंतजामों के साथ ही वहां अन्य सुविधाओं का भी जायजा लिया।

नड्डा और योगी के साथ राज्य के शिक्षा चिकित्सा मंत्री आशुतोष टंडन और मुख्य सचिव भी मौजूद थे। अस्पताल में बड़ी संख्या में मासूमों की मौत को लेकर मचे हंगामे के बाद देर शाम आनन-फानन में बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने हालांकि इस बात से इन्कार किया कि सारी मौतें अॉक्सीजन बाधित होने की वजह से हुई। उन्होंने बच्चों की मौत के लिए अलग-अलग कारण गिनाए लेकिन साथ ही यह भी कहा अगर जांच में यह पता चला कि अॉक्सीजन की कमी से मृत्यु हुई है तो यह एक जघन्य अपराध होगा। इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

उन्होंने कहा कि गोरखपुर की खबरों को पढ़कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी चिंतित हुए हैं, इसीलिए उन्होंने केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल को वहां भेजा। मोदी ने आश्वस्त किया है कि धन की कमी की वजह से किसी की जान नहीं जाने दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आंकडों का सही प्रकाशन होना चाहिए। घटना के खिलाफ पहली कार्रवाई करते हुए मेडिकल कालेज अस्पताल के प्रधानाचार्य को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही मामले की जांच के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है।



UP LATEST NEWS की अन्य न्यूज पढऩे के लिए Facebook और Twitter पर फॉलो करें-
विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You