कानपुर में भ्रष्टाचार रोकने के लिए बना मंदिर, अच्छे लोगों का होता है भाग्य उदय

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कानपुर में भ्रष्टाचार रोकने के लिए बना मंदिर, अच्छे लोगों का होता है भाग्य उदयकानपुर में भ्रष्टाचार रोकने के लिए बना मंदिर, अच्छे लोगों का होता है भाग्य उदयकानपुर में भ्रष्टाचार रोकने के लिए बना मंदिर, अच्छे लोगों का होता है भाग्य उदय

कानपुर(अंबरीश त्रिपाठी): देश में फैले भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों के खात्मे के लिए कानपुर में भगवान् शनिदेव का मंदिर स्थापित किया गया है। इस मंदिर का नाम भ्रष्ट तंत्र विनाशक शनिदेव रखा गया है। मंदिर के अंदर कई नेताओं मंत्रियों और प्रशासनिक अधिकारियों की फोटो लगाई गई है। शनिदेव की दृष्टि लगातार इन फोटो पर रहती है जिसने अच्छा काम किया उसको शनिदेव कुछ नहीं कहते, लेकिन जिसने कोई गलत काम किया उस पर उनकी दृष्टि टेढ़ी हो जाती है।

जानकारी के अनुसार कानपुर महानगर के कल्याणपुर इलाके में बना यह शनि मंदिर अपने आप में अनोखा है। इस मंदिर के अंदर शनि भगवान् की तीन मुर्तियां हैं और तीनों का मुख अलग-अलग है। शनि भगवान् की दृष्टि सीधे मंदिर के अंदर लगी फोटो पर पड़ती है। इस तरह के मंदिर की स्थापना के पीछे संस्थापक का तर्क है कि भारत में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है और इसे केवल देवी शक्तियां ही दूर कर सकती हैं।

शनि देव के इस मंदिर कई तस्वीरें ऐसी लगाई गई हैं जोकि न्यायपालिका से सम्बंधित हैं। इस पर रौबी का कहना है की न्यायपालिका कार्यपालिका और विधायिका तीनों पावर में हैं। जो पावरफुल नेता है वहां पर सुप्रीमकोर्ट और हाईकोर्ट के जजों की फोटो लगाई गई है और शनिदेव से प्रार्थना की है कि जो जनता के हित में काम करे उसको उन्नति दे और जो जनता का अहित करे भ्रष्टाचार करे उसका पतन करे। सबका भविष्य शनिदेव पर छोड़ दिया गया है कि अब वो किसका पतन करते हैं और किसको वो आगे बढ़ाते हैं।

बताया जाता है कि जब मंदिर की स्थापना की गई थी तब नरेन्द्र मोदी और अडवानी की फोटो लगाई गई थी जोकि अभी तक लगी है। जब नरेंद्र मोदी की फोटो लगाई गई थी उस समय नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री थे उसके बाद अब देश के प्रधानमंत्री हो गए। इस पर रौबी का कहना है कि नरेंद्र मोदी पर शनिदेव की दृस्टि सीधी पड़ी उनको उन्नति मिली और वो प्रधानमंत्री बन गए। बाकी नेता जैसे सोनिया गांधी, राहुल गांधी, चिदंबरम, मायावती, मुलायम सिंह, अखिलेश सब साफ हो गए।राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की रेस में बीजेपी के वरिष्ठ नेता अडवानी भी थे लेकिन उनकी जगह रामनाथ कोविंद को को बनाया गया। मंदिर में अडवानी की भी फोटो लगी है। शनिदेव की दृस्टि उनपर पड़ी और वो राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की रेस से बाहर हो गए।



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