नोटबंदी से बिजली, नगर निगम, वाटर टैक्स विभाग की चांदी

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नोटबंदी से बिजली, नगर निगम, वाटर टैक्स विभाग की चांदीनोटबंदी से बिजली, नगर निगम, वाटर टैक्स विभाग की चांदीनोटबंदी से बिजली, नगर निगम, वाटर टैक्स विभाग की चांदी

कानपुर: पुराने 500 और 1,000 रूपए के नोटों का चलन बंद होने के बाद कानपुर के बिजली विभाग, नगर निगम और जल विभाग के राजस्व में अचानक जबरदस्त बढ़ोत्तरी हो गई है क्योंकि इन स्थानों पर पुराने नोटों के चलन का फायदा उठाकर लोग अपना महीनों पुराना बकाया बिल जमा करवा रहे हैं। 

बिजली विभाग, केस्को के मीडिया प्रभारी अजय आनंद के मुताबिक, ‘‘पिछले दस दिनों में केस्को को बिजली बिल के रूप में करीब 79 करोड़ रुपए मिले हैं। बिल जमा करने के लिए केस्को ने 50 काउंटर बनाए हैं। पुराने नोट लेने की सुविधा 24 नवंबर तक जारी रहेगी।’’  

आनंद ने कहा, ‘‘वह कहते हैं कि जिन लोगों के कई महीनों के बिजली बिल बाकी थे वह भी केस्को की इस पुराने नोट सुविधा का फायदा उठाकर अपने बकाया बिल जमा करा रहे हैं। और तो और जहां जहां मीटर रीडर 15 तारीख के बाद मीटर रीडिंग करने जाते थे वहां लोग मीटर रीडर को फोन कर बुला रहे है और जल्दी से जल्दी बिल देने को कह रहे है ताकि वह पुराने नोटो से अपना बिल जमा करा सकें।’’

नगर निगम से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक हाउस टैक्स के रूप में 54 लाख रूपये जमा किये जा चुके हैं। नगर निगम के लिए हाउस टैक्स वसूलना अभी तक सबसे मुश्किल हुआ करता था लेकिन नोटबंदी के फैसले के बाद लोग बिना किसी नोटिस अपना पूरा हाउस टैक्स जमा कर रहे हैं।  कुछ एेसा हाल जल निगम विभाग का है जहां नोटबंदी के बाद से वाटर टैक्स का 60 लाख रूपया जमा हुआ है। बीएसएनएल के टेलीफोन विभाग में भी टेलीफोन का बिल जमा करने की भारी भीड़ है और लोग अपने घरों के फोन के बिल पुराने नोटों में जमा कर रहे हैं। टेलीफोन विभाग केवल आम जनता के बिल ही जमा कर रहा है कंपनियों के बिल वह नये नोट या बैंक के चेक के माध्यम से ले रहा है।

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