Edited By Mamta Yadav,Updated: 28 Feb, 2025 08:51 PM
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गाजियाबाद के कविनगर थाना क्षेत्र पुलिस ने गैंगरेप मामले में चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस ने मामले की जांच की तो पूरा मामला फर्जी निकला। पुलिस ने गैंगरेप की फर्जी सूचना देने वाली महिला को गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल, पुलिस ने जब जांच शुरू की तो...
Ghaziabad News, (आकाश गर्ग): गाजियाबाद के कविनगर थाना क्षेत्र पुलिस ने गैंगरेप मामले में चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस ने मामले की जांच की तो पूरा मामला फर्जी निकला। पुलिस ने गैंगरेप की फर्जी सूचना देने वाली महिला को गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल, पुलिस ने जब जांच शुरू की तो आरोपियों की लोकेशन घटनास्थल के बजाय अन्य स्थानों पर मिली। पुलिस ने साक्ष्य के रूप में सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ले ली है। साथ ही महिला को भी गिरफ्तार कर लिया है।
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पुलिस जांच में मामला निकला झूठा
डीसीपी सिटी राजेश कुमार का कहना है कि महिला पति समेत आरोपियों पर पहले भी केस दर्ज करा चुकी है। महिला द्वारा बताई घटना में विरोधाभास मिलने पर उससे पूछताछ की गई। उसका कहना था कि 24 फरवरी की रात करीब 8 बजे से रात 9:30 बजे के करीब वह अपने घर से सोमवार बाजार की तरफ जा रही थी तभी रस्ते में एक कार उसके पास आकर रुकी और उसमें मौजूद लोगों ने उसे अंदर खींच लिया। कार में तीन लोग थे, जिनमें से दो को वह जानती है। उनमें से एक दीपक चौहान और दूसरा वैभव उर्फ रोबिन चौहान था।
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महिला ने पति और दोस्तों पर लगाए थे फर्जी आरोप
महिला का आरोप था कि तीनों ने कार लॉक कर उसके साथ मारपीट शुरू कर दी और बारी-बारी से रेप किया। महिला के मुताबिक, इसके बाद आरोपी उसे फाटक के पास फेंककर फरार हो गए। करीब आधा घंटे बाद होश आने पर उसने डायल-112 पर फोन किया और अस्पताल पहुंची। महिला की शिकायत पर कविनगर पुलिस ने दो नामजद समेत तीन लोगों के खिलाफ गैंगरेप, एसिड से जलाने और एससी-एसटी ऐक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया था।
CDR में आरोपियों की लोकेशन घटनास्थल की नहीं मिली
पुलिस ने आरोपियों से संपर्क साधा तो उन्होंने अपनी लोकेशन घटनास्थल के बजाय अन्य स्थानों पर बताई। घटना की सच्चाई जानने के लिए पुलिस ने आरोपियों की सीडीआर खंगाली और साथ ही घटनास्थल और आरोपियों द्वारा बताई गई लोकेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले। सीडीआर में आरोपियों की लोकेशन घटनास्थल की नहीं मिली, इसके अलावा अन्य स्थान पर होने के साक्ष्य के रूप में सीसीटीवी कैमरे की फुटेज मिली। जिसके बाद मामला पूरी तरह साफ हो गया।