क्या मोदी, शाह सिर्फ यूपी वालों के वोट लेना जानते हैं, दुख-दर्द नहीं: प्रमोद तिवारी

Edited By Anil Kapoor,Updated: 10 Oct, 2018 04:45 PM

modi shah just know the votes of the up people not sadness tiwari

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि पिछले 3 दिनों में 30,000 से भी अधिक उत्तर भारतीयों को, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों को गुजरात से निकाला गया है।

लखनऊ: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि पिछले 3 दिनों में 30,000 से भी अधिक उत्तर भारतीयों को, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों को गुजरात से निकाला गया है। उनके साथ हिंसा की गई, उनके वाहन जलाए गए और उनकी सम्पत्तियों को नुक्सान पहुंचाया गया, मकान खाली कराए गए और उनके सामान घरों से बाहर रखे गए।

पीएम मोदी के शासनकाल में यह सर्कुलर जारी हुआ था कि गुजरात के उद्योगों में उत्तर भारतीयों को नौकरी न मिले। जहां-जहां भाजपा शासित राज्य हैं, वहां से उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों को बाहर किया गया। सबसे पहले कच्छ गुजरात से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सिखों-पंजाबियों को निकाला गया। अरुणाचल प्रदेश और शिलांग, मेघालय में भी यही हुआ। उन्होंने कहा कि क्या मोदी, शाह सिर्फ यूपी वालों के वोट लेना जानते हैं, दुख-दर्द नहीं।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राज बब्बर सांसद ने कहा कि भाजपा सरकार बांटों और राज करो की नीति पर चल रही है। भाजपा ने पूरे देश व समाज में जिस भीड़वादी संस्कृति का निर्माण किया है, गुजरात उसकी व्यावहारिक परिणति है। गुजरात पहले भी भारतीय जनता पार्टी के नवोन्मोषी संस्कृति की प्रयोगशाला रह चुका है। अभी तक 40,000 उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश आदि के गरीब, मजदूर अपनी आजीविका, फंसा वेतन, रिहायश व अपना रिहायशी सामान छोड़ पलायन कर विस्थापित हो चुके हैं। गांधीनगर, अहमदाबाद, पाटन, साबरकांठा, महसाना में जो आगजनी और मारपीट की घटनाएं उत्तर भारतीयों के ऊपर सामने आईं उसके लिए भाजपा सरकार सीधे-सीधे जिम्मेदार है।

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