Edited By Ramkesh,Updated: 20 May, 2026 05:41 PM

मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव (युद्ध) के कारण भारत में एलपीजी (LPG) सिलेंडर की किल्लत की स्थिति बनी है, जिससे आयात प्रभावित हुआ है। इसका असर अब ग्रामीण क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक उपभोक्ता सिलेंडर लेने के लिए अपनी...
गोरखपुर: मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव (युद्ध) के कारण भारत में एलपीजी (LPG) सिलेंडर की किल्लत की स्थिति बनी है, जिससे आयात प्रभावित हुआ है। इसका असर अब ग्रामीण क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक उपभोक्ता सिलेंडर लेने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर था है। हैरानी की बात ये है कि वह रात में अपनी बारी का इंतजार मच्छरदानी लगाकर करता दिखा पड़ा। उसने बताया कि पत्नी ने घर से भगा दिया है। कहा कि 'गैस सिलेंडर लाओगे तभी मिलेगा खाना' इस वजह से उपभोक्ता रात भर लाइन में लगा रहा। पीड़ित उपभोक्ता राजाराम ने बताया कि हर महीने इसी तरह तीन-चार दिन लाइन लगाने के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। वह रात 11 बजे से 200 सिलेंडरों की कतार में लगे हैं।
उपभोक्ता ने बताया कि उनकी पत्नी ने उन्हें घर से भगा दिया है और साफ कह दिया है कि गैस लेकर आओगे तभी खाना मिलेगा। रात भर जागने और सिलेंडर चोरी होने से बचाने के लिए वे लोग हल्का खाना खाकर आ रहे हैं ताकि नींद न आए और बच्चों को सुबह स्कूल जाने में कोई दिक्कत न हो। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि अमीर लोग यहां नहीं दिखते, सिर्फ गरीब ही परेशान हैं।
जिला प्रशासन और गैस एजेंसी भले ही जिले में गैस की कोई कमी न होने की बात कह रहे हों, लेकिन महावीर छपरा से आईं बेलमती देवी ने बताया कि वे 6 दिन से लाइन में लग रही हैं। मजबूरी में लकड़ी पर खाना बनाना पड़ रहा है, जिससे आंखों में धुआं लगता है और दर्द होता है। वहीं एक महिला ने बताया कि लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने में देरी होती है, जिससे बच्चों को सुबह जल्दी स्कूल जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। हालांकि सरकार (LPG) सिलेंडर को लेकर कई तरह के नियम भी लागू कर दिए हैं उसके बावजूद भी काला बाजारी की शिकायत की खबरें आती है, जिस वजह से आम लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पाता है।