दिल्ली हादसे और जहरीली शराब कांड पर मायावती ने जताया दुख, सरकारों को दी नसीहत

Edited By Ramkesh,Updated: 07 Sep, 2026 12:59 PM

mayawati expressed grief over the delhi accident and the poisonous liquor scanda

दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत गिरने से 6 लोगों की मौत पर उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री बसपा सुप्रीमो मायावती ने गहरा दुख व्यक्त किया है। इसके साथ ही उन्होंने मध्य प्रदेश में जहरीली शराब पीने से 18 लोगों की मौत की घटना...

नई दिल्ली : दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत गिरने से 6 लोगों की मौत पर उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री बसपा सुप्रीमो मायावती ने गहरा दुख व्यक्त किया है। इसके साथ ही उन्होंने मध्य प्रदेश में जहरीली शराब पीने से 18 लोगों की मौत की घटना को लेकर शोक व्यक्त किया है। मायावती ने इसे लेकर सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने एक्स पर ताबड़तोड़ दो पोस्ट किए। जिसमें लिखा दक्षिण दिल्ली के पांच मंज़िला पीजी हास्टल के ढहने से 5 लोगों की हुई मौत तथा मध्य प्रदेश के सागर ज़िला में भी जहरीली शराब पीने से 18 लोगों की कल हुई मौत व लगभग 190 बीमार लोगों के अस्पताल में इलाज के लिये दाखिल होने की घटना एवं यूपी व बिहार आदि राज्यों में बाढ़ के कारण जान-माल की तबाही की ख़बरें अति-दुखद व चिन्तनीय। 

उन्होंने अपने दूसरे पोस्ट में लिखा इन घटनाओं से यह साबित होता है कि शासन-प्रशासन अपनी ज़िम्मेदारियों को सही से नहीं निभा रहा है, जिस कारण जनहित व जनकल्याण के सम्बंध में सरकारों को चुस्त-दुरुस्त होने की सख़्त जरूरत है। इस प्रकार से अधिकारियों की घातक होती जा रही लापरवाही, उदासीनता व भ्रष्टाचार आदि पर भी सरकारों को सख़्ती से लगाम लगाने की जरूरत। आप को बता दें कि दिल्ली हादसे में समाचार लिखे जाने तक 6 लोगों की मौत हो गई। खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। NDRF के कुत्तों की मदद से मलबे में लगातार खोज अभियान चलाया जा रहा है और संभावित जगहों की जांच कर रहा है। अब तक मलबे में फंसे करीब 15-20 और लोगों को निकालने के लिए रात तक कई एजेंसियों का बचाव अभियान जारी रहा।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने एक बयान में कहा कि अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में दस घायल लोगों को लाया गया।  एम्स ने बताया, ''चार लोगों को मृत अवस्था में लाया गया जबकि गंभीर हालत में लाए गए एक मरीज ने बाद में दम तोड़ दिया। तीन मरीज भर्ती हैं और उनका इलाज हो रहा है। एक मरीज की सर्जरी हुई है और एक अन्य मरीज को मामूली चोट आई थी, उसे निगरानी के बाद छुट्टी दे दी गई।'' पुलिस ने साउथ कैंपस थाने में इमारत के मालिक हरिराम और अन्य लोगों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या, इमारत के रखरखाव में लापरवाही और अन्य लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालने के आरोप में मामला दर्ज किया। पुलिस ने बताया, ''यह इमारत पेइंग गेस्ट (पीजी) के रूप में इस्तेमाल हो रही थी। आरोप है कि भूतल पर मरम्मत का काम हो रहा था जिसके कारण इमारत ढह गई।

उन्होंने बताया आरोपित लोगों की तलाश के लिए कई टीम गठित की गई हैं।'' जब बचाव दल मलबे को हटाकर राहत एवं बचाव कार्य में जुटे थे तो स्थानीय लोग और प्रत्यक्षदर्शी भी इस मुश्किल प्रयास में उनके साथ शामिल हो गए। उन्होंने अपने हाथों और उपलब्ध औजारों की मदद से मलबे में दबे लोगों की तलाश शुरू की। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की दो टीम (जिसमें 70 कर्मी हैं) और एक श्वान दस्ता मलबे में जीवित बचे लोगों की तलाश में शामिल रहे। एनडीआरएफ के एक अधिकारी ने बताया कि मलबे में फंसे लोगों को सांस लेने में मदद के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर नीचे पहुंचाए गए।

 घटनास्थल पर दमकल की गाड़ियां भी तैनात की गई हैं। दिल्ली पुलिस, दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए), दिल्ली नगर निगम, 'कैट' और नागरिक सुरक्षा की टीम घटनास्थल पर बचाव अभियान में जुटे रहे। मलबे में दबे कुछ छात्रों की दिल को दहला देने वाली तस्वीरें सामने आईं जिनमें वे मदद के लिए अपने मोबाइल से लोगों को फोन करते नजर आए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, पुलिस आयुक्त और एनडीआरएफ के महानिदेशक से हालात की जानकारी ली। उन्होंने कहा, ''स्थानीय प्रशासन और एनडीआरएफ मिलकर तेजी से बचाव कार्य कर रहे हैं। घायलों को हर जरूरी चिकित्सीय मदद दी जा रही है। मैं सभी घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं।

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