Edited By Purnima Singh,Updated: 29 May, 2026 01:22 PM

एक समय था जब शुक्रवार की शाम का मतलब दोस्तों के साथ पब, बार और नाइटलाइफ हुआ करता था, लेकिन अब तस्वीर तेजी से बदल रही है। लंदन से लेकर न्यूयॉर्क और कैलिफोर्निया तक युवा पीढ़ी अपने खाली समय और कमाई का बड़ा हिस्सा फिटनेस, वेलनेस और जिम कल्चर पर खर्च कर...
नेशनल डेस्क : एक समय था जब शुक्रवार की शाम का मतलब दोस्तों के साथ पब, बार और नाइटलाइफ हुआ करता था, लेकिन अब तस्वीर तेजी से बदल रही है। लंदन से लेकर न्यूयॉर्क और कैलिफोर्निया तक युवा पीढ़ी अपने खाली समय और कमाई का बड़ा हिस्सा फिटनेस, वेलनेस और जिम कल्चर पर खर्च कर रही है। महंगे जिम, बुटीक फिटनेस स्टूडियो और ग्रुप क्लासेज अब सिर्फ स्वास्थ्य का साधन नहीं, बल्कि सोशल लाइफ का नया केंद्र बन चुके हैं।
फिटनेस बनी लाइफस्टाइल और सोशल पहचान
लंदन के सोहो इलाके में स्थित हाई-एंड जिम थर्ड स्पेस जैसे फिटनेस क्लब अब पारंपरिक जिम की बजाय एक सोशल क्लब जैसा अनुभव दे रहे हैं। यहां स्मूदी बार, ट्रेंडी वर्कआउट आउटफिट्स और लगातार चलती क्लासेज इस बात का संकेत हैं कि फिटनेस अब एक लाइफस्टाइल और सोशल पहचान बन चुकी है।
युवा बार या रेस्तरां की बजाय फिटनेस और क्लब्स को दे रहे प्राथमिकता
विशेषज्ञों के अनुसार, खासकर Gen Z और मिलेनियल्स में शराब और नाइटलाइफ की खपत में गिरावट दर्ज की जा रही है, जबकि जिम में खर्च लगातार बढ़ रहा है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि युवा अब अपनी सामाजिक मुलाकातों और दोस्ती के लिए बार या रेस्तरां की बजाय फिटनेस क्लासेज और रनिंग क्लब्स को प्राथमिकता दे रहे हैं।
जिम सिर्फ वर्कआउट प्लेस नहीं बल्कि दोस्त बनाने का माध्यम बना
नई पीढ़ी के लिए जिम सिर्फ वर्कआउट की जगह नहीं रह गया है, बल्कि यह नए लोगों से मिलने, दोस्ती बनाने और यहां तक कि रिश्तों की शुरुआत का भी माध्यम बन गया है। कई युवा बताते हैं कि नियमित फिटनेस क्लासेज में शामिल होने से उन्हें एक स्थायी सोशल सर्कल मिला है, जो पहले कॉलेज या ऑफिस में मिलता था।
सैकड़ों डॉलर या पाउंड फिटनेस एक्टिविटीज पर खर्च कर रहे युवा
न्यूयॉर्क और लंदन में रहने वाले कई युवा प्रोफेशनल्स हर महीने सैकड़ों डॉलर या पाउंड सिर्फ फिटनेस एक्टिविटीज पर खर्च कर रहे हैं। महंगे मेंबरशिप प्लान, पिलेट्स क्लासेज, साइक्लिंग और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग सेशन अब उनकी सोशल लाइफ का हिस्सा बन चुके हैं।
कोविड महामारी के बाद लोगों में ऑनलाइन जीवनशैली बढ़ी है, लेकिन इसके साथ ही आमने-सामने मिलने की जरूरत भी महसूस की जा रही है। इसी वजह से फिटनेस स्पेस एक सुरक्षित और नियमित सामाजिक मंच के रूप में उभरे हैं, जहां बातचीत भी होती है और हेल्दी लाइफस्टाइल भी बनी रहती है।
युवा अपने खर्च को 'इन्वेस्टमेंट इन वेलनेस' मानते
फिटनेस इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि युवा अब अपने खर्च को “इन्वेस्टमेंट इन वेलनेस” मानते हैं। वे मानते हैं कि फिट रहना सिर्फ शरीर के लिए नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक जीवन के लिए भी जरूरी है।
हालांकि, इस ट्रेंड के साथ खर्च का बोझ भी बढ़ा है। कई हाई-एंड जिम और स्टूडियो की फीस इतनी अधिक है कि यह केवल एक निश्चित आय वर्ग के युवाओं तक ही सीमित रह गया है। इसके बावजूद, युवाओं में इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है।
कुल मिलाकर, यह साफ है कि आज की पीढ़ी ने सामाजिक जीवन का चेहरा बदल दिया है। जहां कभी शामें शोर-शराबे वाले पब में बीतती थीं, अब वही समय पसीना बहाते हुए फिटनेस स्टूडियो में नए रिश्ते और नई पहचान बनाने में गुजर रहा है।