Edited By Anil Kapoor,Updated: 08 Aug, 2026 12:07 PM

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम से ठीक पहले प्रयागराज का सियासी और सामाजिक पारा चढ़ गया है। शहर के प्रमुख चिकित्सा संस्थान स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल (SRN) का नाम बदलने की मांग ने अचानक जोर पकड़ लिया है। इस सिलसिले में शहर में...
Prayagraj News: कांग्रेस नेता राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम से ठीक पहले प्रयागराज का सियासी और सामाजिक पारा चढ़ गया है। शहर के प्रमुख चिकित्सा संस्थान स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल (SRN) का नाम बदलने की मांग ने अचानक जोर पकड़ लिया है। इस सिलसिले में शहर में जगह-जगह होर्डिंग्स और पोस्टर्स लगा दिए गए हैं, जिसने इस मुद्दे को चर्चा के केंद्र में ला खड़ा किया है। यह पूरी मुहिम चंबल फाउंडेशन की ओर से चलाई जा रही है। संगठन की मांग है कि अस्पताल का नाम पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की माता स्वरूप रानी नेहरू के नाम से हटाकर महान स्वतंत्रता सेनानी ठाकुर रोशन सिंह के नाम पर किया जाए।
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सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इसके पीछे की ऐतिहासिक वजह भी सामने रखी गई है। अंग्रेजी हुकूमत के दौर में जिस जगह आज यह मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खड़ा है, वहां पहले साउथ मलाका जेल हुआ करती थी। देश की आजादी की लड़ाई के दौरान कई क्रांतिकारियों को यहां कैद रखा गया था। इसी जेल परिसर में अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह को अंग्रेजों ने फांसी के फंदे पर लटकाया था। आजादी मिलने के बाद जेल की पुरानी इमारत को गिराकर यह अस्पताल बनाया गया था। काकोरी ट्रेन एक्शन के शताब्दी वर्ष के मौके पर यह आंदोलन और तेज हो गया है। मांग को लेकर ठाकुर रोशन सिंह के स्मारक पर पिछले 3 दिनों से लगातार धरना-प्रदर्शन जारी है।
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राहुल गांधी के प्रयागराज दौरे और छात्रों से सीधे संवाद के ठीक पहले उठी इस मांग ने स्थानीय प्रशासन से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल बढ़ा दी है। अब देखना यह होगा कि जनभावनाओं और ऐतिहासिक संदर्भों से जुड़े इस मुद्दे पर सरकार और प्रशासन क्या रुख अपनाते हैं।