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शहीद को दी गई अंतिम विदाई, हजारों आंखें हुई नम

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शहीद को दी गई अंतिम विदाई, हजारों आंखें हुई नमशहीद को दी गई अंतिम विदाई, हजारों आंखें हुई नमशहीद को दी गई अंतिम विदाई, हजारों आंखें हुई नम

देहरादून, ब्यूरो। जम्मू-कश्मीर के सुंजवां आर्मी कैंप पर हुए आतंकी हमले में शहीद जवान राकेश चंद्र रतूड़ी को आज हजारों नम आंखों ने अंतिम विदाई दी। पूरे सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ हरिद्वार में शहीद राकेश चंद्र रतूड़ी के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया गया। शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह समेत राजनीतिक दलों के कई नेता, सेना व प्रशासनिक अधिकारी भी बड़ोवाला स्थित उनके आवास पर पहुंचे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने शहीद की पुत्री को सरकारी सेवा में लिए जाने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अब केंद्र सरकार को पाकिस्तान को समुचित जवाब देने के लिए कड़ा फैसला लेना चाहिए।

बड़ोवाला क्षेत्र निवासी 6 महार रेजीमेंट के हवलदार राकेश चंद्र रतूड़ी हाल ही में सुंजवां आर्मी कैंप पर हुए आतंकी हमले में गंभीर घायल हो गए थे। अस्पताल में उपचार के दौरान बीते सोमवार की शाम उन्होंने अंतिम सांस ली। 44 वर्षीय शहीद राकेश चंद्र रतूड़ी का पार्थिव शरीर बीती शाम सेना के हेलीकॉप्टर से पहले जौलीग्रांट एयरपोर्ट और वहां से शिमला बाईपास के कृष्णा विहार (बड़ोवाला) स्थित उनके घर में लाया गया। मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल जिले के साकरसैंण गांव के निवासी शहीद राकेश को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए आज सुबह से ही उनके आवास पर लोगों का तांता लग गया था।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, उच्च शिक्षामंत्री धन सिंह रावत, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, देहरादून के मेयर और धर्मपुर विधायक विनोद चमोली, सहसपुर के विधायक सहदेव पुंडीर, प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना समेत राजनीतिक दलों से जुड़े कई प्रमुख नेताओं ने वहां पहुंचकर शहीद के पार्थिव शरीर पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। सेना की ओर से महार रेजीमेंट के सीओ ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित किया। प्रशासन की ओर से जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन और एसएसपी निवेदिता कुमार कुकरेती ने शहीद को श्रद्धांजलि दी। महार रेजीमेंट के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। रेजीमेंट की टुकड़ी की मातमी धुन के बीच करीब पौने 10 बजे शहीद की अंतिम यात्रा हरिद्वार के लिए निकली। सबसे आगे सेना के वाहन में शहीद का शव रखा गया था और पीछे हजारों लोगों का हुजूम शहीद राकेश अमर रहे और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाता चल रहा था। दोपहर हरिद्वार में शहीद के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया गया।

इससे पहले मुख्यमंत्री रावत ने शहीद राकेश की पत्नी नंदा देवी, 19 वर्षीय पुत्री किरन और 18 वर्षीय पुत्र नितिन को सांत्वना दी। उन्होंने शहीद के परिवार को समुचित आर्थिक मदद के साथ ही उनकी पुत्री को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की। लगातार हो रही शहादतों से आक्रोशित मुख्यमंत्री रावत ने दो टूक शब्दों में कहा कि अब केंद्र सरकार को पाकिस्तान के खिलाफ कठोर फैसला लेना ही चाहिए, क्योंकि हमारे जवान लगातार शहीद हो रहे हैं। आखिर कब तक हम अपने जवानों को शहीद होते देखेंगे। लिहाजा, पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए अब आर पार का फैसला होना चाहिए।




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