उत्तरकाशी में सफाई के हालात बद से बदतर

  • उत्तरकाशी में सफाई के हालात बद से बदतर
You Are Here
उत्तरकाशी में सफाई के हालात बद से बदतरउत्तरकाशी में सफाई के हालात बद से बदतरउत्तरकाशी में सफाई के हालात बद से बदतर

उत्तरकाशी: स्वच्छ भारत मिशन हो या फिर गंदगी का निस्तारण हालात देखकर नहीं लगता कि भागीरथी के किनारे बसे उत्तरकाशी शहर में सबकुछ ठीक-ठाक चल रहा है। हिमालय दिवस के दिन प्रतिज्ञा भी ले ली कि हिमालय के संरक्षण का बाखूबी ध्यान रखेंगे और स्वच्छ हिमालय का सपना भी साकार करेंगे, लेकिन ठीक इसके उल्ट हिमालय की तलहटी में बसे शहर उत्तरकाशी में हालात बद से बदतर हो रहे हैं।

इस शहर व इसके आसपास के क्षेत्रों में गंदगी का आलम कहीं से भी स्वच्छता को लेकर गले नहीं उतर रहा है। प्रदूषण बढ़ रहा है, लेकिन जागरूकता नहीं बढ़ रही है। गंदगी के निस्तारण और उस पर लक्की ड्रा पर भी गंदगी कहीं भारी पड़ रही है, यहां लोगों ने जहां-तहां गंदगी फैंक कर शहर व उसके आसपास के क्षेत्रों को ही तमाशबीन बना दिया है। शहर व उसके आसपास के क्षेत्रों में पसरी गंदगी के कई ऐसे नमूने हैं जो स्वच्छ भारत अभियान पर ही पलीता लगा रहे हैं। 

गंगोत्री-यमुनोत्री की यात्रा पूरी कर जब शहर उत्तरकाशी से केदारनाथ के लिए देश-विदेश का तीर्थ यात्री रवाना होता है तो लदाड़ी के नीचे चौराहे से निकलने वाले मार्ग को देखकर कहीं से भी नहीं लगता कि यहां से केदारनाथ मार्ग होगा, ऐसा लगता है जैसे गंदगी का जोन बनाया गया हो। फिलहाल इस डम्पिंग जोन से होकर निकलने वाले यात्री निश्चित तौर पर कड़वे अनुभव लेकर ही लौट रहे होंगे। जोशियाड़ा से मनेरी भाली को निकलने वाले रास्ते में एक बुजुर्ग महिला की पीड़ा गंदगी की हकीकत बयां करती है। इस बुजुर्ग महिला के आंगन के समीप ही पूरी बस्ती समेत आसपास के क्षेत्र के लोगों ने कूड़ा घर बनाकर रख दिया है। बुजुर्ग महिला के लाख समझाने के बाद भी लोग बाज नहीं आ रहे हैं।

दुर्भाग्य ही कहें कि अपने को पढ़ा-लिखा बताने वाले अपने घर का कूड़ा दूसरे के घर में फैंक रहे हैं। बहरहाल यहां बुजुर्ग महिला की पीड़ा सुनने वाला कोई नहीं है। इसके अलावा कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां गंदगी पसरी पड़ी है। इस गंदगी से निजात के इंतजामात कहीं नहीं हैं। जिला पंचायत के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में पंचायतें भी कुछ नहीं कर रही हैं। मुख्य विकास अधिकारी विनीत कुमार से जब पंचायत क्षेत्र के तमाम स्थानों में गंदगी के निस्तारण को लेकर बात की तो उन्होंने डम्पिंग जोन न हो पाने का जिक्र किया। हाल ही में डी.एम. द्वारा शहर उत्तरकाशी की तरह जोशियाड़ा व लदाड़ी आदि क्षेत्रों में भी कूड़ा निस्तारण की पहल की और इन क्षेत्रों में भी जागरूकता अभियान शुरू किए जाने की बात किए जाने से शायद पंचायती क्षेत्रों में कुछ बदलाव आ जाए।



यहाँ आप निःशुल्क रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, भारत मॅट्रिमोनी के लिए!