UP विधानसभा में विपक्ष का बहिष्कार जारी, आजम ने योगी की भाषा पर जताया खेद

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लखनऊः यूपी विधानसभा की कार्यवाही के दौरान सोमवार को भी विपक्ष का बहिष्कार जारी रहा। योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ में जहरीली शराब के मुद्दे का उल्लेख करते हुए सपा पक्ष पर सवालिया तंज कस दिया। जिस पर सपा पक्ष के नेता आजम खान ने योगी की भाषा पर खेद जताया और कहा कि बहुत ही छिछले शब्दों का प्रयोग योगी ने किया है। वहीं  विपक्षी दलो ने सत्ता पक्ष पर गतिरोध को दूर करने के लिए कोई पहल ना करने का भी आरोप लगाया।

यह भी बता दें कि विधानसभा की कार्यवाही के दौरान विपक्ष दल ने सत्ता पक्ष पर धमकाने तथा असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। इसी कड़ी में विपक्षी सदस्यों ने सदन की कार्यवाही का ​भी बहिष्कार कर रखा है। इसके साथ ही विपक्ष सपा, बसपा और कांग्रेस सदस्य कार्यवाही में शामिल होने की बजाए केन्द्रीय कक्ष में बैठे और समानान्तर सदन चलाया।

सरकार हमें धमका रही हैः कांग्रेस
कांग्रेस विधायक दल के नेता अजय कुमार लल्लू ने कहा कि सरकार विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों को लेकर गंभीर नहीं है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गतिरोध दूर करने की कोई पहल नहीं की। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था, किसान और बेरोजगारी जैसे विपक्ष द्वारा उठाए गए मुददों पर चर्चा की बजाय सरकार हमें धमका रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

आजम ने कहा- योगी के बयान पर खेद होना चाहिए
वहीं सपा नेता आजम खान ने कहा कि प्रधानमंत्री को योगी आदित्यनाथ के बयान पर खेद प्रकट करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल योगी ने सदन में किया दरअसल वो इसका जवाब सुनना नहीं चाहते थे। साथ ही आजम ने कहा कि बहुत ही छिछले शब्दों का प्रयोग किया योगी ने किया है। अगर बोलो तो सुनने की ताकत भी रखो।

मथुरा की शोक प्रस्ताव में नहीं आए योगी
लल्लू ने कहा, 'विरोध स्वरूप हम केन्द्रीय कक्ष में बैठे। मुझे नेता सदन बनाया गया जबकि राम गोविन्द चौधरी नेता प्रतिपक्ष बने और लालजी वर्मा को अध्यक्ष बनाया गया।' विपक्षी नेताओं ने भाजपा विधायक मथुरा प्रसाद पाल के निधन पर शोक वयक्त किया और कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि शोक प्रस्ताव के समय योगी सदन में मौजूद नहीं थे।

योगी ने सपा पर कसा सवालिया तंज
दरअसल योगी ने आजमगढ़ में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों की घटना का उल्लेख करते हुए योगी ने विपक्षी बेंचों पर बैठे सपा सदस्यों से सवाल किया। योगी ने कहा कि क्या इस प्रकरण में गिरफ्तार व्यक्ति के सपा से संबंध नहीं हैं? वह राजनीतिक संरक्षण में फल फूल रहा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ऐसे अपराधियों के खिलाफ ना सिर्फ कार्रवाई करेगी बल्कि उन्हें संरक्षण देने वालों के खिलाफ कड़ा कानून भी लाएगी। उन्होंने कहा कि सीतापुर और रायबरेली की हाल की हत्याओं के प्रकरणों में अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था। यहां भी योगी का इशारा सपा-बसपा की तरफ था।



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