बारूद के ढेर पर बैठे हैं मासूम, हो सकता है बड़ा हादसा

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बारूद के ढेर पर बैठे हैं मासूम, हो सकता है बड़ा हादसाबारूद के ढेर पर बैठे हैं मासूम, हो सकता है बड़ा हादसाबारूद के ढेर पर बैठे हैं मासूम, हो सकता है बड़ा हादसा

बुलन्दशहरः दीपावली के मद्देनजर भले ही सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों की बिक्री व चलाने पर प्रतिबंद लगा दिया हो, पर बावजूद इसके बुलंदशहर में गैर कानूनी तरीके से पटाखों का निर्माण किया जा रहा है। हैरत होगी आपकों यह जानकर कि इन का निर्माण देश के भविष्य यानि मासूम बच्चों के हाथों से करवाया जा रहा है। खुले आसमान के नीचे मासूम बच्चों से विस्फोटक पाउडर भरवाकर अवैद्य तरीके से देसी बम, अनार आदि आतिशबाजी बनवाए जा रहे है।

मासूमों से बनवाए जा रहे देसी बम
दरअसल बुलंदशहर के दानपुर के जंगलों में गंधक, पोटाश को कोयला पाउण्डर में मिलाकर देसी बम व अनार बनाने की कई अवैध लघु फैक्टरियां खुले आम चल रही हैं। वहीं देसी बम अनार बनाने का काम मासूम बच्चे कर रहे हैं। बारूद के ढेर पर बैठे इन मासूमों को ये तक नहीं पता कि जरा सी चिंगारी इनकी जिंदगी को तबाह कर सकती है। आश्चर्यजनक बात ये है कि जिन मासूमों के हाथों में किताब कापियां होनी चाहिए थी वो हाथ अवैद्य तरीके से चल रही इन फैक्ट्रियों में देसी बम बना रहे हैं।

सुरक्षा के नाम पर असुविधाएं, हो सकता है बड़ा हादसा
आलम यह है कि इन बच्चों के हाथों में न तो दस्ताने है और न ही मूंह पर मास्क। यही नहीं आसपास अग्निकाण्ड होने की आशंका के चलते पानी, रेत या फिर अग्नि शमन यंत्र आदि भी नहीं हैं। हालांकि चंद रुपए की खातिर अवैध तरीके से देसी बम बनाने का धंधा करने वाले लोग दावा कर रहे है यहां बच्चे काम नही करते, मगर ये दृश्य इस गोरख धंधों की पोल खोल रहे है।

प्रशासन है खामोश
वहीं डिबाई के एसडीएम उमा शंकर सिंह तो मामले को लेकर अनभिता ही जता रहे हैं और दावा कर रहे कि मामले की सत्यता की जांच करा कर कार्रवाई करेगें। अभी तक प्रशासन की तरफ से अवैध रूप से चल रहीं इन फैक्ट्रियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है।  



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