इस बात से तंग आए नौकर ने की थी रालौद नेता की हत्या

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इस बात से तंग आए नौकर ने की थी रालौद नेता की हत्याइस बात से तंग आए नौकर ने की थी रालौद नेता की हत्याइस बात से तंग आए नौकर ने की थी रालौद नेता की हत्या

बुलंदशहरः राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के पूर्व जिला उपाध्यक्ष त्रिलोक चंद हत्याकांड मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। जिसमें पुलिस ने उनके नौकर को हिरासत में लेकर पुछताछ की है। जिसमें नौकर ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए है।

नेता की अॉफिस में मिली थी लाश
बता दें रालोद नेता और धमैड़ा कीरत गांव के पूर्व प्रधान त्रिलोक चंद मकान में ऑफिस बनाकर फाइनेंस का काम करते थे। मकान के निचले हिस्से में कार्यालय हैं, जबकि ऊपर बने कमरे में एक युवक पत्नी के साथ किराए पर रहता था। बता दें कि 12 नवम्बर की रात उनके अॉफिस में उनकी लाश मिली थी, जिसकी सूचना सबसे पहले नौकर ने ही दी थी।

नौकर पर हुआ पुलिस को शक
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। नौकर ने पहले पुलिस को गलत जानकारी देकर गुमराह करने की कोशिश की लेकिन, पुलिस ने मोबाईल लोकेशन के आधार पर नौकर से कड़ाई से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

मारपीट से क्षुब्ध होकर की थी हत्या
पुलिस ने बताया कि हरेन्द्र उसकी नौकरी छोड़कर चला गया था, लेकिन त्रिलोक चंद ने उसे वापिस बुला लाया था। वापस लाने के बाद भी रालोद नेता उसके साथ मारपीट करता था। इतना ही नहीं नेता ने नौकर को पिछले 4 महीने से तनख्वाह भी नहीं दी थी। इसी बात से क्षुब्ध होकर हरेन्द्र ने त्रिलोक चंद की हत्या कर दी।

त्रिलोक चंद का राजनीतिक सफर
रालोद नेता त्रिलोक चंद को गांव धमैड़ा कीरत में वर्ष 2005 से 2010 तक निर्विरोध प्रधान पद पर चुना गया था। वर्ष 2010 से 2015 तक पुन प्रधान के पद पर निर्वाचित हुआ। इसके बाद गांव की प्रधान की सीट का आरक्षण बदलने के कारण चुनाव नहीं लड़ सके। रालोद नेता त्रिलोक चंद को एक पूर्व केबिनेट मंत्री का बेहद करीबी माना जाता था।

 



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