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साहित्य जगत के पुरोधा आनन्द प्रकाश दीक्षित को‘भारत भारती’सम्मान से योगी ने किया अलंकृत

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साहित्य जगत के पुरोधा आनन्द प्रकाश दीक्षित को‘भारत भारती’सम्मान से योगी ने किया अलंकृतसाहित्य जगत के पुरोधा आनन्द प्रकाश दीक्षित को‘भारत भारती’सम्मान से योगी ने किया अलंकृतसाहित्य जगत के पुरोधा आनन्द प्रकाश दीक्षित को‘भारत भारती’सम्मान से योगी ने किया अलंकृत

लखनऊः उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार साहित्य जगत के पुरोधा आनन्द प्रकाश दीक्षित को‘भारत भारती’सम्मान से अलंकृत किया। मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पांच कालीदास मार्ग पर आयोजित सम्मान समारोह में राजनीतिक और साहित्य जगत की कई नामचीन हस्तियां मौजूद थी।
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योगी ने 94 वर्षीय साहित्यकार को दुशाला पहनाया और प्रतीक चिन्ह एवं 5 लाख रूपये की धनराशि देकर सम्मानित किया।  छह फरवरी 1925 को मेरठ में जन्मे  दीक्षित अपनी साहित्यिक यात्रा के 79वें पड़ाव पर भी पूर्णत: सक्रिय है। दीक्षित को 1960 में प्रकाशित शोध प्रबंध‘ रस सिद्धांत : स्वरूप विश्लेषण’के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने सम्मानित किया था। वर्ष 1994 में प्रयाग में आयोजित हिन्दी साहित्य सम्मेलन में उन्हे साहित्य वाचस्पति की उपाधि से अलंकृत किया। पिछले साल साहित्य के इस पुरोधा को केन्द्रीय साहित्य अकादमी ने कालजयी और मध्यकालीन साहित्य में योगदान के लिये भाषा सम्मान प्रदान किया था। 
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इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने साहित्य जगत की नामचीन हस्ती आनंद मिश्र‘अभय’को लोहिया साहित्य सम्मान से सम्मानित किया। हिन्दी गौरव सम्मान डा विद्याविन्दु सिंह को दिया गया। महात्मा गांधी साहित्य सम्मान नन्द किशोर आचार्य को दिया गया जबकि पंडित दीन दयाल उपाध्याय साहित्य सम्मान महेश चन्द्र शर्मा को मिला। प्रो नेत्रपाल सिंह को अवन्तीबाई साहित्य सम्मान से नवाजा गया।
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साहित्य भूषण सम्मान से नवाजे गई विभूतियों में डा रामशरण गौड़, डा जयप्रकाश, डा गणेश नारायण शुक्ल,डा वेद प्रकाश अमिताभ,श्री मधुकर अष्ठाना,श्री विजय रंजन,डा श्रीराम परिहार, डा सुरेन्द्र दुबे,डा प्रेमशंकर त्रिपाठी और बल्देव भाई शर्मा शामिल थे।  लोकभूषण सम्मान डा आद्या प्रसाद सिंह‘प्रदीप’को मिला जबकि डा मंजुला चतुर्वेदी को कला भूषण सम्मान से अलंकृत किया गया। राजर्षि पुरूषोत्तमदास टंडन सम्मान साहित्यनुशीलन समिति मद्रास को दिया गया।  इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित और उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष डा सदानंद प्रसाद गुप्त समेत अन्य हस्तियां मौजूद थी। 




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