मायावती ने 2 दलित नेताओं को पार्टी से किया बेदखल, जानिए क्यों

Edited By Punjab Kesari,Updated: 06 Sep, 2017 05:42 PM

mayawati ousts 2 dalit leaders from party

सियासत में लगातार गिरते ग्राफ को खड़ा करने के लिए बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) प्रमुख मायावती ने बहुत बड़ा फैसला लिया है...

नई दिल्ली/लखनऊः सियासत में लगातार गिरते ग्राफ को खड़ा करने के लिए बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) प्रमुख मायावती ने बहुत बड़ा फैसला लिया है। बसपा की मुखिया ने दलित नेताओं को पार्टी से सस्पेंड कर यह साबित कर दिया है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों को नहीं सहा जा सकता है।

बता दें कि निकाले गए नेता अशोक कुमार रावत और उनके भाई मनीष कुमार रावत है। अशोक कुमार पूर्व सांसद हैं और मनीष कुमार ने मिसरिख विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। मनीष ने अपने दावें में कहा कि मायावती ने उनसे 20 लाख रुपए मांगे थे। मनीष ने कहा कि मेरे पिताजी बिस्तर से उठ नहीं पा रहे। उनको सर्वाइकल है और बायपास सर्जरी करवानी है। मैंने मायवती को बोला कि मैं पैसे नहीं दे पाउंगा, शायद इसलिए ही मुझे निकाल दिया गया।

उन्होंने कहा कि मैंने 15 साल पार्टी के लिए काम किया, लेकिन अब उनके लिए मैं किसी काम का नहीं रहा। उन्होंने कहा कि बसपा में पैसे मांगने की लिमिट तोड़ी जा रही हैं, इसलिए लोग उसको छोड़ रहे हैं। जो नेता अभी पार्टी में हैं वे नहीं बोलेंगे लेकिन वे भी तंग आ गए हैं।

फिलहाल मनीष अभी तक किसी अन्य कोई पार्टी में शामिल नहीं हुए हैं, लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि मनीष बीजेपी में शामिल हो सकते है। क्योकि मनीष कुमार के चाचा रामपाल वर्मा हरदोई के बालामऊ से भाजपा से विधायक हैं।

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