नोएडाः अस्‍पताल ने बना दिया 1 लाख से ज्यादा का बिल, फिर भी नहीं बची बच्ची की जान

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नोएडा: नामी-गिरामी अस्पतालों के लंबे-चौड़े बिल और इलाज में लापरवाही के कारण मरीज की मौत के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। ताजा मामला नोएडा का है, जहां इलाज के लिए एक लाख से अधिक का बिल परिजनों को थमा दिया गया। वहीं इस सब के बावजूद भी अस्पताल मरीज की जान नहीं बचा पाया। परिजनों ने अस्पताल पर इलाज में लापरवाही करने व मनमाना बिल वसूलने का आरोप लगाया है।

पुलिस ने बताया कि मेरठ के सिकरोड़ के रहने वाले जोगिंदर उनके पास 7 दिसंबर को आए थे। जोगिंदर ने बताया कि उनकी बेटी श्वेता को अचानक दौरा पड़ने के बाद वह उसको गाजियाबाद स्थित एक अस्पताल में लेकर गए। इलाज के बाद उसे वहां से छुट्टी मिल गई थी, लेकिन फिर से तबियत खराब होने पर उसे नोएडा के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस दौरान उसे आईसीयू में भर्ती करा दिया गया।

अस्पताल में कोई सीनीयर डॉक्टर तक नहीं था। इसके बाद उन्हें बताया गया कि मरीज की तबीयत ज्यादा खराब है इसलिए वेंटिलेटर पर रखना पड़ेगा। सुबह करीब 5 बजे डॉक्टरों ने श्वेता को मृत घोषित कर दिया और उनके हाथ में 1 लाख 3 हजार का बिल थमा दिया। उसे जमा करने के बाद ही उन्‍हें शव सौंपा गया। जोगिंदर ने जब इस मामले की शिकायत करने की बात अस्पताल प्रबंधन से की तो उन्हें बिल में 20 हजार रुपए की रियायत देने की बात कही गई।

थाना-58 एसएचओ अनिल प्रताप सिंह ने बताया कि मामला दर्ज न करते हुए उन्‍होंने शिकायतकर्त्ता को बताया कि इसमें पहले जांच की जाएगी। उसके आधार पर ही मामला दर्ज किया जाएगा। मामले में संज्ञान लेते हुए 3 सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है। इसके आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।



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