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नए DGP ओपी सिंह की खतरे में कुर्सी, 16 जनवरी तक नहीं आए तो योगी सरकार ले सकती है कोई फैसला

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नए DGP ओपी सिंह की खतरे में कुर्सी, 16 जनवरी तक नहीं आए तो योगी सरकार ले सकती है कोई फैसलानए DGP ओपी सिंह की खतरे में कुर्सी, 16 जनवरी तक नहीं आए तो योगी सरकार ले सकती है कोई फैसलानए DGP ओपी सिंह की खतरे में कुर्सी, 16 जनवरी तक नहीं आए तो योगी सरकार ले सकती है कोई फैसला

लखनऊः यूपी के पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह का कार्यकाल समाप्त हुए करीबन 15 दिन हो चुके है। जिसके बाद यूपी के नए महानिदेशक ओपी सिंह बने। लेकिन पिछले 15 दिनों से प्रदेश का पुलिस महकमा बिना महानिदेशक चल रहा है। मंगलवार तक ओपी सिंह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से कार्यमुक्त नहीं हुए तो सरकार बड़ा फैसला ले सकती है। प्रदेश के डीजी रैंक के किसी अफसर को डीजीपी बनाया जा सकता है। 

डीजीपी के रूप में नए नामों को लेकर हुई चर्चा शुरू
हालांकि डीजीपी मुख्यालय में सबसे वरिष्ठ होने के नाते डीजीपी का प्रभार एडीजी कानून-व्यवस्था नंद कुमार को दिया गया है। लेकिन उनका कार्य क्षेत्र सीमित है। सूत्रों का दावा है कि ओपी सिंह की फाइल प्रधानमंत्री कार्यालय में लंबित है। दोनों ही जगह एक ही पार्टी की सरकार होने के बावजूद फाइल लंबित होने को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। यहां तक कि अगले डीजीपी के रूप में अलग-अलग नामों को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। डॉ. सूर्य कुमार और डीजी इंटेलिजेंस भावेश कुमार सिंह का नाम एक बार फिर चर्चा में है।

सीएम योगी ले सकते है बड़ा फैसला 
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 15 जनवरी को गोरखपुर से लौटेंगे। माना जा रहा है कि उसके बाद वह डीजीपी को लेकर कोई फैसला ले सकते हैं। नए डीजीपी के ना आने से मुख्यालय का कामकाज ठप है। इंस्पेक्टर से लेकर डीजी रैंक तक का स्थांतरण रुका हुआ। आईजी रैंक की पोस्ट पर डीजी रैंक और डीजी के कार्यालय में SP रैंक के अधिकारी इंचार्ज बने हुए हैं।



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