मृतकों के परिजन बोलेे- ऑक्सीजन नहीं थी तो रैफर करते, छिपाया क्यों?

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मृतकों के परिजन बोलेे- ऑक्सीजन नहीं थी तो रैफर करते, छिपाया क्यों?मृतकों के परिजन बोलेे- ऑक्सीजन नहीं थी तो रैफर करते, छिपाया क्यों?मृतकों के परिजन बोलेे- ऑक्सीजन नहीं थी तो रैफर करते, छिपाया क्यों?

गोरखपुर: गोरखपुर के बाबा राघव दास (बी.आर.डी.) मैडीकल कॉलेज में मासूम मौतों के बाद परिजन सदमे में हैं। बी.आर.डी. मैडीकल कॉलेज के डॉक्टरों पर मृतकों के परिजन घोर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। तीमारदारों की शिकायत है कि वरिष्ठ चिकित्सक घटना के दिन 2 बजे रात से दूसरे दिन 12 बजे तक वार्डों में नहीं पहुंचे। उधर इलाज और देख-रेख के अभाव में बच्चे एक-एक कर दम तोड़ते गए।

तीमारदारों के मुताबिक जांच और दवा वे बाहर से ही लेकर आ रहे थे। उनका कहना था कि जब वे दवाएं बाहर बाजार से ही लेकर आ रहे थे तो ऑक्सीजन की भी व्यवस्था कर लेते। अपने बच्चे को इलाज के लिए लेकर आए मृत्युंजय ने बताया कि ऑक्सीजन खत्म होने की सूचना मिली। इसके बावजूद डॉक्टरों ने दवा लाने के लिए बाहर भेज दिया। एक बार भी ऑक्सीजन के बारे में नहीं बताया गया।

बस्ती के दीपचंद के 11 महीने के बच्चे की मौत हो गई। उनका कहना था कि किसे जिम्मेदार ठहराएं। जब ऑक्सीजन नहीं थी तो एडमिट ही नहीं करते, हम प्राइवेट हॉस्पिटल चले जाते। देवरिया के अमित सिंह की बेटी प्रतिज्ञा की भी मौत हो गई। उन्होंने इसके लिए डॉक्टरों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि जब ऑक्सीजन नहीं थी तो रैफर कर देते, छिपाते तो नहीं।



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