गोरखपुर ट्रेजेडी: छठा आरोपी लिपिक संजय त्रिपाठी गिरफ्तार, 3 की तलाश जारी

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गोरखपुरः गोरखपुर के मेडिकल कॉलेज में हुई बच्चों की मौत के छठे आरोपी लिपिक संजय त्रिपाठी को बीती शाम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक वह कोर्ट में सरेंडर करने की तैयारी में था, लेकिन उसकी कोशिश को असफल करते हुए पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल पुलिस और एसटीएफ बाकी बचे 3 आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

जानकारी के मुताबिक शाहपुर थाना क्षेत्र का निवासी संजय त्रिपाठी बीआरडी मेडिकल कॉलेज में लिपिक के पद पर तैनात था। जिन लोगों पर केस दर्ज हुआ है। उनमें से एक संजय त्रिपाठी फरार चल रहा था और गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद पुलिस लगातार संजय की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही थी। दबाव के चलते वह कोर्ट में सरेंडर करने की तैयारी में लगा हुआ था कि इसी बीच कैंट पुलिस ने उसको दीवानी कचहरी के पास से गिरफ्तार कर लिया।

बीआरडी मेडिकल काॅलेज हादसे में लेखा विभाग के तीन कर्मचारी भी जिम्मेदार हैं। हादसे के पीछे जिस कमीशन की बात सामने आ रही है, उसकी नींव यहीं है। हालांकि, भेजी गई रिर्पोट के अनुसार इन पर आरोप है कि जब शासन से बजट आया तो प्राचार्य को बताने में लेटलतीफी की गई। उनके पास पत्रावली देर से पेश की गई। इन आरोपों में कार्यालय सहायक उदय प्रताप शर्मा, लिपिक संजय कुमार त्रिपाठी व सहायक लेखाकार सुधीर कुमार पाण्डेय की संलिप्तता पाई गई। इसलिए इनके खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज कराई गई।

इनमें से सहायक लेखाकार सुधीर पाण्डये और संजय त्रिपाठी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अभी भी उदय प्रताप शर्मा फरार है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड सहिंता की धारा 409, 308, 120 बी, 420 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 8, इंडियन मेडिकल काउंसलिंग एक्ट 1956 के सेक्शन 15 आईटी एक्ट 2000 के सेक्शन 66 के तहत केस दर्ज है।



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