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शिक्षा के नाम पर धोखाधड़ी का खेल, बच्चों के उज्जवल भविष्य से खिलवाड़

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शिक्षा के नाम पर धोखाधड़ी का खेल, बच्चों के उज्जवल भविष्य से खिलवाड़शिक्षा के नाम पर धोखाधड़ी का खेल, बच्चों के उज्जवल भविष्य से खिलवाड़शिक्षा के नाम पर धोखाधड़ी का खेल, बच्चों के उज्जवल भविष्य से खिलवाड़

उन्नावः उत्तर प्रदेश में जहां एक तरफ पीएम मोदी और सीएम योगी शिक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं वहीं दूसरी तरफ भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी इसमें जंग लगने का काम कर रहे हैं। ताजा मामला उन्नाव के एक महाविद्यालय का है, जहां दाखिले के नाम पर विद्यालयों के प्रबंधक विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने में लगे हुए हैं। विद्यार्थियों से पैसे लेकर रजिस्ट्रेशन न होने की बात कहकर उनको भगा दिया जाता है। उन्हें गुमराह कर उनके उज्जवल भविष्य में अंधकार भरने का काम शिक्षा के मंदिरों में किया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक मामला उन्नाव के हसनगंज मौलाबाकी पुर राजदेवी सिंह विधि महाविद्यालय का है। जहां एल.एल.बी में दाखिले के बाद विद्यार्थियों को रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ यह कहकर विद्यालयों के प्रबंधक ने उनको वापस भेज दिया। इस तरह से लगभग सैकड़ों से अधिक छात्रों को वकील बनाने का सपना दिखाकर अच्छा खासा पैसा प्रबंधक ने ऐठ लिया है और अगले साल रजिस्ट्रेशन करने की बात कहकर विद्यार्थियों को उल्टे पैर लौटा दिया।

वहीं जब विद्यार्थियों ने इसका विरोध प्रबंधक नमन प्रताप सिंह से किया तो उन्हें यह कहकर चुप करा दिया कि आपको जो करना है आप कर लीजिए। जब मैं इतना पैसा बिल्डिंग में लगा सकता हूं तो 2-3 लाख रुपए कमीशन देके अपना काम करवा सकता हूं।

पीड़ित छात्र आशीष सिंह का कहना है कि मैंने राजदेवी सिंह विधि महाविद्यालय में दाखिला लिया था। बाद मैं वहां एडमिट कार्ड लेने गया तो उन्होंने बताया अभी आपका रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि आप बता दीजिए मैं आपका रजिस्ट्रेशन हरदोई से करवा देता हूं, वहां से आप पेपर दे दीजिएगा। हमने ऐसा नहीं किया और उसके बाद पैसे लेने की बात आई तो उन्होंने पैसे देने से इंकार कर दिया।

दूसरे छात्र विनय राठौर ने बताया कि मैंने महाविद्यालय मौलाबाकीपुर में दाखिला करवाया था। वहां पर जब विद्यालय के लिए परीक्षाओं का समय हुआ तो प्रवेश पत्र ही नहीं आया। वहां प्रवेश पत्र लेने गया तो पता चला कि मेरा अभी रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है फिर रजिस्ट्रेशन के लिए कहा तो प्रबंधक कहने लगा कि अब आपका रजिस्ट्रेशन अगले साल होगा।

वहीं इस मामले में तहसीलदार सुनील कुमार सिंह का कहना है कि बच्चों से अभी प्रार्थना पत्र मिला है कि उन्होंने अपना दाखिला राजदेवी सिंह विधि महाविद्यालय में करावाया है, लेकिन अभी तक उनको प्रवेश पत्र नहीं दिया गया। साथ ही उन्हें प्रवेश पत्र के बिना परीक्षा में नहीं बैठने दिया जा रहा है। तहसीलदार ने कहा कि इस संबंध में विस्तृत जांच कराकर प्रबंधक के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।  
  



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