सरकारी अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत, परिजनों ने किया जमकर हंगामा

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अमरोहाः यूपी के अमरोहा में आज सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों की लापरवाही के चलते जच्चा बच्चा की मौत हो जाने से कोहराम मच गया। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही के चलते जच्चा बच्चा की मौत का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा काटा। वहीं मौके पर पहुंची पुलिस ने समझा-बुझा कर मामला शांत करवाया।

जानिए पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक देहात थाना क्षेत्र के ग्राम बम्बूगढ़ निवासी धर्मपाल की पत्नी माया गर्भवती थी। उसका इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जोया से चल रहा था। बीती रात प्रसव पीड़ा हुई तो परिजन उसे लेकर सीएचसी पहुंचे। रात आठ बजे डाक्टर ने परीक्षण के बाद परिजनों को बताया 10 से 20 मिनट में प्रसव हो जाएगा। गर्भवती रात भर दर्द से छटपटाती रही प्रसव नहीं हुआ और न ही चिकित्सकों ने ध्यान दिया। सुबह तक प्रसव न होने पर परिजनों ने स्टाफ से उसे रेफर करने की बात कही। इस पर भी उन्होंने ध्यान नहीं दिया। इसी बीच गर्भवती की तबीयत बिगड़ने लगी।

गर्भवती और नवजात ने तोड़ा दम
इसके बाद हरकत में आए कर्मचारियों ने उसे ओटी में शिफ्ट कर दिया। जानकारी मिलते ही चिकित्सक भी आ गए। हालत गंभीर देख चिकित्सक उसे रेफर करने के प्रयास में जुट गए। इसी बीच महिला ने नवजात को जन्म देकर दम तोड़ दिया। डॉक्टर जब तक कुछ समझते नवजात की भी मौत हो गई। इसकी खबर लगते ही परिजन भड़क गए। ग्रामीणों के साथ उन्होंने अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। नारेबाजी करते हुए स्टाफ पर मुकदमा दर्ज करने की मांग करने लगे। यह देख अस्पताल स्टाफ सहम गया। चिकित्सक ने इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी।

मौके पर पहुंची पुलिस ने कराया मामला शांत
सूचना मिलते ही डिप्टी सीएमओ डॉ. दिनेश खत्री समेत तहसीलदार धर्मेंद्र यादव, डिडौली कोतवाली और देहात थाना प्रभारी मयफोर्स के अस्पताल पहुंच गए। अफसरों ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर किसी तरह शांत कराया। इसके बाद डिडौली कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों ने अस्पताल के प्रभारी सुरेंद्र सिंह और स्टाफ के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दे दी है।

वहीं डॉक्टरों का कहना है कि महिला प्री-एटलम्सिया नामक बीमारी से पीड़ित थी। उसमें खून की भारी कमी थी, और वह कमजोर भी हो गई थी। सुबह अचानक तबीयत बिगड़ी और प्रसव के दौरान ब्लड प्रेशर बढ़ने से उसकी मौत हो गई। मामले की जांच कराई जाएगी। अगर किसी प्रकार की लापरवाही बरती गई होगी तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।



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